हर शाम के बाद | After Every Evening
सोना एक आम लड़की थी, जो पाकिस्तान में रहती थी। वह एक छोटे से गांव में रहती थी, जहां उसके पिता ने एक स्कूल खोला था। सोना को पढ़ाई का बहुत शौक था और वह अपने दोस्तों को भी अधिक जानकारी देने के लिए उनसे मदद करती थी।
एक दिन, जब सोना घर से स्कूल जा रही थी, उसने स्कूल में एक नयी लड़की को देखा। वह लड़की भारत से थी और सोना को बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया था।
दोनों लड़कियां अभी शुरू हुए स्कूल से घर तक साथ साथ चलीं थीं। उन्होंने एक दूसरे को बताया कि वे दोनों एक ही घर में रहती हैं। उनकी दोस्ती शुरू हो गई थी।
सोना का स्कूल पूरा हो गया था और उसने दूसरी लड़की को बाहर छोड़ा। उसे नहीं लगा कि यह दोस्ती उसे बहुत महंगी पड़ सकती है।
इस समय सोना अपने जीवन के सर्वाधिक समय को शाम के समय के साथ बिताने लगती है। शाम होते ही वह अपने पिता के साथ एक आधा किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव में उनकी स्कूल जाती है।
वहाँ पर सोना दूसरी लड़की को फिर से मिलती है और वहां सप्ताहांत के दिन खेलवाड़ और अन्य गतिविधियां करती हैं। इस तरह सोना और उसकी दोस्ती की दोस्ती बढ़ती जा रही थी।
दिन बीतते जाते थे और लड़कियों की दोस्ती वहाँ सिर्फ एक दुनिया बना रही थी। एक दिन, जब दोनों लड़कियां एक साथ गेम खेल रही थीं, तभी एक घटना घटी।
सोना अचानक से गेम से बाहर निकल गई और बोली, “मैं घर जा रही हूं।” इससे उसकी दोस्ती काफी चौंक गई।
कुछ दिन बाद सोना फिर उस दोस्ती को मिलकर खेलने लगती है। ये दोनों जब एक साथ होते, तब कोई उन्हें अलग नहीं कर सकता था।
लेकिन शाम के समय शरुआत होती थी तो सोना वापस अपने घर जाने लगती थी। कुछ दिनों बाद सोना से उसकी दोस्ती पूछती है कि उसकी शाम के समय इतनी जल्दी क्यों होती है।
सोना ने आहिस्ता से कहा, “मेरी मां बहुत बीमार हैं। मैं उनको देखने जाना चाहती हूं।”
उसकी दोस्ती को ऐसा बहुत दुख हुआ कि उसने उसे लौटते नहीं दिया। वह सोचती थी कि सोना को मदद चाहिए थी।
तभी उसकी एक खुशखबरी हुई। सोना की मां का स्वास्थ्य उभरने लगा था। उसकी दोस्ती ने सोना को अपने घर आने के लिए कहा और उसे संबोधित करने के लिए इंतजार करने के लिए कहा।
सोना पहले थोड़ा आश्चर्यचकित थी, लेकिन फिर उसने अनुमति दी और बहुत खुश दिखाई दिया। उसके शाम का समय ठीकतरह से नहीं होते थे, इसलिए उसकी दोस्ती ने उसे अपने घर में रात भर रखने का वादा किया।
उसकी दोस्ती ने सोना को रात के भोजन के बाद बताया कि उसका स्कूल फीस के साथ अब परेशानी है। वह अपने घर बैठकर अपने माता-पिता के साथ उस पर काम करने वाली थी।
सोना को सुनते हुए, उसके दिमाग में एक आवश्यकता उत्पन्न हुई थी और वह उसे पूरा करने में कोई कड़ी मेहनत नहीं करना चाहती थी। इसलिए वह अपनी दोस्ती को अपने पिता से बात करने के लिए कहा ताकि उसे मदद की जा सके।
सोना की दोस्ती उसे सही मायनों में बताने के लिए सोचती हुई थी और उसने सोना को अपने घर में रखने का वादा किया था। उसकी ज़िम्मेदारी थी कि वह इस मुद्दे पर सोना को सही सलाह दे।
सोना वादा पूरा करना चाहती थी, लेकिन इस मुद्दे पर पूछताछ करते हुए उसे स्वयं को बहुत बेकार महसूस होता था। उसने उसे बताया कि उसे उस मुद्दे में अधिक जानकारी नहीं है।
उसकी दोस्ती ने उसे बताया कि लड़कियों को पढ़ाई के लिए ऋण उपलब्ध होते हैं। सोना इसके बारे में नहीं जानती थी लेकिन उसे यह समझने के लिए कहा गया था कि यह उसकी मदद कर सकता है ताकि वह अपनी माता-पिता को सहारा दे सके।
उस सात दिन के बाद सोना बहुत समझदारी से अपने लक्ष्य के बारे में सोचती थी और उसकी दोस्ती उसे समझाने में उसकी मदद की। उसे यह समझाना था कि इसमें किस तरह से काम करना होगा।
उस दिन से, सोना के बिच पाक-इंडिया रिश्ते जैसे काफी मजबूत हो गए थे। उसकी दोस्ती उसे एक अवसर देती थी ताकि उसे खुले दिमाग से सोचने और लड़कियों के बीच एक खतरनाक लक्ष्य देखते हुए सही तरह से संबोधित करने का मौका मिले।
उसकी दोस्ती के माध्यम से, सोना ने अपने परिवार के अलावा उन लोगों से मिल कर अपने घर के बाहर से आजीवन आवास ऋण प्राप्त करने के लिए अनुप्रयोग में शामिल होने के बारे में सोचा और जल्द ही मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कोर्स में शुरुआत की।
दोस्ती और सोना की एक छोटी सी शाम की बात उन्हें एक बड़ी परिवर्तन के लिए तैयार कर दी थी। वह अपने स्वप्नो की राह पर अगले कुछ सालों में पढ़ने और जीवन के नए और उत्साहजनक अवसरों का सामना करने के लिए तैयार के रुप में खड़ी हुई।
Translation:
Sona was an ordinary girl who lived in Pakistan. She lived in a small village where her father had opened a school. Sona liked studying and helped her friends with their studies too.
One day, when Sona was heading to school from her home, she saw a new girl in the school. The girl was from India and was invited by Sona to chat with her.
Both the girls were walking together from the newly started school to their home. They told each other that they lived in the same house. Their friendship had started.
As Sona’s school was completed, she used to spend most of her time in the evening. As soon as it was evening, she used to go to her school which was a little further from her home with her father.
There she met the other girl again and they used to play games and other activities on weekends. Sona’s friendship with her friend was growing.
Days passed and the girls’ friendship was still a different world there. One day, when both the girls were playing a game together, an incident happened.
Sona suddenly came out of the game and said, “I am going home.” Her friend was very shocked.
A few days later, Sona started playing with her friend again. There could be no one who could separate them when they were together.
But when the evening started, Sona started leaving for her home. After a few days, her friend asked her why she leaves so early in the evening.
Sona slowly said, “My mother is very sick. I want to go see her.” Her friend was very sad to hear this and felt that Sona needed help.
Then she had good news. Sona’s mother’s health had started to improve. Her friend invited her to come to her house and wait until she could speak to her.
Sona was first a little surprised but then gave her consent and looked very happy. Her evening