‘विदेशी हाथ’: भारतीय राजनीति का सर्वगुण संपन्न ‘ऑल-इन-वन’ बाम!
नमस्कार भारत! ‘काक-वाणी’ के तीखे और कड़वे संसार में आपका स्वागत है। हाल ही में ‘फ्रंटलाइन’ पत्रिका ने एक पुरानी घिसी-पिटी राजनीतिक कला पर फिर से रोशनी डाली है—भारत का ‘विदेशी हाथ’ (Foreign Hand) के प्रति अमर प्रेम! सच कहूँ… Continue Reading