उम्मीद का आखिरी दीया – एक दिल छू लेने वाली प्रेरणादायक कहानी

रामपुर गांव के एक छोटे से कोने में रामू नाम के एक बुजुर्ग कुम्हार रहते थे। रामू की आँखों की रोशनी बचपन में ही एक दुर्घटना में चली गई थी, लेकिन मिट्टी को छूते ही उनके हाथों में जादू सा… Continue Reading

निष्ठा का बलिदान: बिना विचारे जो करे

बहुत समय पहले की बात है, सुंदरवन के किनारे एक छोटा सा गांव था। वहां देवदत्त नाम का एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी शारदा और अपने नवजात बेटे के साथ रहता था। देवदत्त स्वभाव से बहुत दयालु था। एक दिन… Continue Reading

कर्म योग सिद्धांत: क्या है निष्काम कर्म और यह जीवन को कैसे बदल सकता है?

श्रीमद्भगवद्गीता का सबसे व्यावहारिक और शक्तिशाली उपदेश है कर्म योग सिद्धांत। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां हर व्यक्ति केवल परिणामों, पैसों और सफलता के पीछे भाग रहा है, यह प्राचीन आध्यात्मिक सिद्धांत हमें मानसिक शांति और जीवन में… Continue Reading

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया नियम: जो तीन बार फॉरवर्ड हुआ, वो ‘परम सत्य’ है!

नमस्कार, ‘काक-वाणी’ के प्रिय सुधी पाठकों! आज हम सोशल मीडिया के उस महा-विश्वविद्यालय की चर्चा करेंगे, जिसकी डिग्री के सामने ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड भी पानी भरते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की, जहां ज्ञान की… Continue Reading

नक्शेबाजी का नया खेल: संयुक्त राष्ट्र की पेंसिल पर हमारी कूटनीतिक ‘रबर’!

वाह! क्या गजब की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक बड़ा सुधार होने जा रहा है—वह भी नक्शों का! जी हां, दुनिया भर के देशों की सीमाएं जो अक्सर कागजों पर खिसकती रहती हैं, उन्हें सुधारने के लिए… Continue Reading

रील लाइफ से रियल लाइफ तक: जब बॉलीवुड ने बनाया हमारे सपनों का भारत!

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे दिमाग में जो ‘भारत’ की तस्वीर बसी है, उसे बनाने में बॉलीवुड का कितना बड़ा हाथ है? हाल ही में आर्किटेक्चर की दुनिया की मशहूर वेबसाइट ‘ArchDaily’ ने एक बेहद दिलचस्प आर्टिकल पब्लिश… Continue Reading

वफ़ादार चीकू और पछतावे के आँसू

एक अनोखा परिवार और अटूट प्रेम बहुत समय पहले की बात है, एक शांत और सुंदर गाँव में माधव नाम का एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी देवकी और अपने नवजात शिशु के साथ रहता था। माधव के घर में एक… Continue Reading

संयुक्त राष्ट्र का नक्शा सुधार और भारत का लाल पेन: पेंसिल तुम्हारी, रबर हमारा!

वाह! संयुक्त राष्ट्र (UN) को आखिरकार कूटनीतिक ज्ञान प्राप्त हुआ है कि दुनिया के नक्शे थोड़े बिगड़े हुए हैं। अब वे ‘मैप रिफॉर्म’ यानी नक्शा सुधार का पवित्र संकल्प लेकर आए हैं। भारत ने भी बड़े भाई की भूमिका निभाते… Continue Reading

पर्दे पर नफरत का तड़का? बॉलीवुड फिल्ममेकर ने खोला मोर्चा, कहा- सिनेमा में फैला ‘इस्लामोफोबिया’!

काक-वाणी के पाठकों, जरा दिल थाम कर बैठिए! बॉलीवुड में इन दिनों केवल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का ही पारा गरम नहीं है, बल्कि बयानों की गर्मी भी सातवें आसमान पर है। हाल ही में एक मशहूर भारतीय फिल्ममेकर ने ‘मुस्लिम… Continue Reading

न्याय के आंसू: बीरबल की चतुराई और सम्राट का हृदय परिवर्तन

एक अनोखा उपहार और क्रोध की सीमा मुगल सल्तनत के बाग में एक बेहद दुर्लभ सफेद गुलाब का पौधा था, जिसे शहंशाह अकबर की दिवंगत मां ने अपने हाथों से लगाया था। अकबर के लिए वह पौधा केवल एक फूल… Continue Reading