न्याय का असली मर्म: अकबर और बीरबल की एक भावुक गाथा
1. एक वृद्धा की पुकार और सम्राट का असमंजस शाहंशाह अकबर का दरबार सजा हुआ था। तभी एक वृद्ध महिला, रोती-बिलखती हुई दरबार में उपस्थित हुई। उसका नाम सुमित्रा था। उसने कांपते हाथों से सम्राट के सामने गुहार लगाई, “जहाँपनाह!… Continue Reading