भारतीय राजनीति में अब विरोध प्रदर्शन भी काफी ‘कूल’ और ट्रेंडी हो गए हैं। हाल ही में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के माननीय सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ एक शानदार मार्च निकाला। मुद्दा क्या था? वही पुराना और सदाबहार—”लोकतंत्र खतरे में है।” लेकिन इस बार विरोध का स्टाइल एकदम नया था। विपक्षी शेरों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से बेहद दोस्ताना और आधुनिक लहजे में कहा, “ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो!” यानी, ‘भाई अब बहुत हो गया, अब बोरिया-बिस्तर समेटो और निकलो!’
लोकतंत्र बचाने का नया ‘ब्रो-कोड’
वाह! क्या अद्भुत भाषा है। पुराने जमाने में इस्तीफे की मांग के लिए गंभीर ज्ञापन सौंपे जाते थे, लंबे-चौड़े पत्र लिखे जाते थे। लेकिन अब ‘ब्रो-संस्कृति’ का जमाना है। विपक्ष को शायद लगा कि अगर वे ज्ञानेश जी को ‘आदरणीय मुख्य चुनाव आयुक्त महोदय’ बोलेंगे, तो वे उनकी बात अनसुनी कर देंगे। इसलिए उन्होंने सीधे ‘ब्रो’ बोलकर दिल का रिश्ता जोड़ने की कोशिश की। आखिर जब तक आप चुनाव आयुक्त को अपना ‘भाई’ नहीं मानेंगे, तब तक उनसे निष्पक्षता की उम्मीद कैसे करेंगे?
ईवीएम का दुख और चुनाव आयोग का ‘चिल’ रवैया
विपक्ष का मानना है कि चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि उनके मनपसंद नतीजे देना भी होना चाहिए। जब भी जनता का मूड बदलता है और विपक्ष हारता है, तो सारा दोष बेचारे ज्ञानेश ब्रो के सिर मढ़ दिया जाता है। इसी नाराजगी में हमारे विपक्षी वीरों ने संसद से लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक की दूरी ऐसे तय की, मानो वे किसी वीकेंड ट्रिप पर निकले हों। चुनाव आयोग के दरवाजे पर जब उन्होंने ‘इट्स डन ब्रो’ का नारा लगाया, तो अंदर से केवल एसी की ठंडी हवा और गहरी खामोशी बाहर आई। आयोग का रवैया देखकर ऐसा लगा मानो वे कह रहे हों, “चिल ब्रो, सब कंट्रोल में है!”
इस्तीफा तो झांकी है, सोशल मीडिया पर रील्स बनाना बाकी है
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शायद अपने दफ्तर में बैठकर कॉफी पीते हुए सोच रहे होंगे कि काश देश की राजनीति भी इतनी ही आसान होती। विपक्ष को लगता है कि एक मार्च निकालने और अंग्रेजी के कूल जुमले बोलने से देश की संवैधानिक संस्थाएं घुटने टेक देंगी। लेकिन ‘काक-वाणी’ के पाठकों को पता है कि यह सब सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है। इस्तीफा तो मिलने से रहा, लेकिन इस बहाने हमारे सांसदों को अच्छी-खासी पब्लिसिटी और सोशल मीडिया के लिए बढ़िया रील्स बनाने का मसाला जरूर मिल गया है। तो चलिए, अगली बार जब आपके मनमुताबिक काम न हो, तो रोने के बजाय बस चिल्लाइए—“इट्स डन ब्रो!”
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