यूनेस्को घोषित सर्वश्रेष्ठ ज्ञान: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के अद्भुत ‘वैज्ञानिक’ आविष्कार

हमारे देश में शिक्षा के कई बड़े केंद्र हैं – आईआईटी, आईआईएम और जेएनयू। लेकिन इन सबसे ऊपर एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसका कैंपस हर नागरिक की जेब में चौबीसों घंटे मौजूद रहता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की। यहाँ एडमिशन के लिए किसी प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती, बस एक स्मार्टफोन और एक अनलिमिटेड डाटा पैक ही काफी है। इस विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ का हर छात्र खुद को वाइस चांसलर समझता है।

नासा और यूनेस्को की ‘विशेष’ कृपा

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इतने शक्तिशाली हैं कि वे जब चाहें यूनेस्को से भारत के राष्ट्रगान को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित करवा देते हैं। नासा तो जैसे इनके लिए एक घरेलू रिसर्च लैब है। दिवाली की रात को अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, इसकी एक ऐसी चमकीली तस्वीर नासा के हवाले से वायरल की जाती है, जिसे देखकर खुद नासा के वैज्ञानिक भी अपना सिर पकड़ लेते हैं। यहाँ इतिहास को हर मिनट अपनी सुविधा के अनुसार बदला जाता है और विज्ञान की तो रोज सुबह-सुबह आरती उतारी जाती है।

गर्म पानी से कैंसर का इलाज और घरेलू नुस्खे

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में इस यूनिवर्सिटी का योगदान अद्भुत है। यहाँ के स्वघोषित डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री के बड़े से बड़े असाध्य रोगों का इलाज सिर्फ दो बूंद नींबू के रस, कच्चे प्याज या गर्म पानी से कर देते हैं। “इस संदेश को तुरंत 11 लोगों को भेजें, आपकी हर बीमारी दूर हो जाएगी और शाम तक बड़ी खुशखबरी मिलेगी” – यह इस यूनिवर्सिटी की सबसे लोकप्रिय थेरेपी है। लोग डॉक्टरों की सलाह से ज्यादा इन ‘फॉरवर्डेड’ नुस्खों पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं।

काक-वाणी फैक्ट चेक: फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले सोचें

इस हंसी-मजाक के पीछे एक गंभीर और चिंताजनक सच्चाई छिपी है। बिना सोचे-समझे ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ वाले संदेशों को साझा करना समाज में अफवाहें और नफरत फैलाता है। काक-वाणी की ओर से हम आपसे यही अपील करते हैं कि अगली बार जब आपके पास कोई ऐसा चमत्कारी या सनसनीखेज मैसेज आए, तो उस पर भरोसा करने से पहले गूगल बाबा से उसकी सच्चाई जरूर पूछ लें। अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, न कि केवल फॉरवर्ड बटन का। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के इस संक्रामक ‘ज्ञान’ से खुद को और अपने परिवार को दूर रखें।

कागा जी