यूनेस्को द्वारा घोषित ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का महा-ज्ञान

सुबह के ठीक छह बजे जब आपकी नींद टूटती है, तो सबसे पहले दर्शन होते हैं—एक चमकते हुए पीले गुलाब के, जिसके पीछे से साक्षात सूर्यदेव उग रहे होते हैं। नीचे सुनहरे अक्षरों में लिखा होता है, “सुप्रभात! इस संदेश को 11 लोगों को भेजें, शाम तक कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी।” बधाई हो! आपने बिना किसी प्रवेश परीक्षा के दुनिया के सबसे बड़े विश्वविद्यालय यानी ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के दैनिक सत्र में प्रवेश कर लिया है। यहाँ ज्ञान का ऐसा महासागर बहता है, जिसमें डूबने के बाद डार्विन और आइंस्टीन भी अपनी डिग्रियां गंगा जी में विसर्जित कर दें।

यूनेस्को का साप्ताहिक ‘भारत रत्न’ और मुफ्त पुरस्कार योजना

इस विश्वविद्यालय का सबसे सक्रिय विभाग है ‘यूनेस्को सेल’। यूनेस्को के पास पेरिस में अपना मुख्यालय संभालने का समय हो या न हो, लेकिन उनके पास भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप्स के लिए हर हफ्ते एक नया प्रमाण पत्र जारी करने का पूरा समय है। कभी हमारा राष्ट्रगान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित कर दिया जाता है, तो कभी हमारी गुलाबी दो हजार की नोट में ‘नैनो जीपीएस चिप’ ढूंढ ली जाती है। बेचारे यूनेस्को के अधिकारी फ्रांस में बैठकर आज भी सिर खुजला रहे हैं कि उन्होंने ये सर्टिफिकेट आखिर किस प्रिंटिंग प्रेस से छपवाकर बांटे हैं! लेकिन हमारे ग्रुप के ‘फॉरवर्ड-वीर’ चाचा जी इस ज्ञान को आगे बढ़ाना अपना राष्ट्रीय कर्तव्य मानते हैं।

नासा की नींद उड़ाने वाले हमारे ‘व्हाट्सएप वैज्ञानिक’

दूसरी तरफ, अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) भी इस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं से खौफ खाती है। जो खोज नासा अरबों डॉलर और सालों की मेहनत के बाद नहीं कर पाती, वह हमारे ‘गुप्ता जी’ सुबह की चाय पीते-पीते अपने पांच इंच के स्क्रीन पर कर देते हैं। नासा ने अंतरिक्ष से दिवाली की रात भारत की जो ‘चमकती हुई’ तस्वीर खींची थी, वह हर साल बिना चूके वायरल होती है, भले ही वह किसी बच्चे का पेंटिंग प्रोजेक्ट क्यों न हो! मेडिकल विंग की बात करें तो यहाँ कैंसर का पक्का इलाज ‘कच्चा पपीता’ और गरम पानी है। बस शर्त एक ही है—”इस संदेश को दबा कर रखें नहीं, तुरंत फॉरवर्ड करें।”

सच्चाई का कड़वा घूंट और काक-वाणी की सीख

‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ (Forwarded many times) का ठप्पा इस यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी डिग्री है। सच तो यह है कि अफवाहों की इस फैक्टरी में बिना किसी लैब, बिना किसी तर्क और बिना किसी बजट के हर सेकंड एक नया ‘चमत्कार’ गढ़ा जाता है। अगली बार जब आपके पास कोई ऐसा संदेश आए जिसमें लिखा हो कि ‘इसे तुरंत फॉरवर्ड करें वरना फोन ब्लास्ट हो जाएगा’, तो कृपया अपनी सामान्य बुद्धि का चार्जर ऑन करें। ज्ञान बांटने से बढ़ता है, लेकिन व्हाट्सएप का ‘अज्ञान’ बांटने से सिर्फ देश का डेटा और आपकी इज्जत कम होती है। अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, इसे फॉरवर्ड न होने दें!

कागा जी