रजनीकांत: ‘OG बैडऐस दादाजी’ जिनका रिटायरमेंट अभी कोसों दूर है!

जब सिनेमाघर में अचानक सीटियों का तूफान आ जाए और तालियों की गड़गड़ाहट से थिएटर की छत कांपने लगे, तो समझ लीजिए कि पर्दे पर ‘थलाइवा’ का आगमन हो चुका है! 70 की उम्र पार कर चुके रजनीकांत आज भी जब स्क्रीन पर कदम रखते हैं, तो अच्छे-अच्छे युवा एक्टर्स भी किनारे खड़े नजर आते हैं। हाल ही में एक मशहूर रिपोर्ट में बिल्कुल सच लिखा गया है कि रजनीकांत भारतीय सिनेमा के असली ‘OG बैडऐस दादाजी’ हैं, और उनका रिटायरमेंट फिलहाल कोसों दूर है।

उम्र महज एक नंबर है, रजनीकांत एक ब्रांड हैं!

आंखों पर चश्मा चढ़ाने का स्टाइल हो, गन घुमाने का अंदाज़ हो या फिर बिना एक शब्द बोले सिर्फ अपनी एंट्री से पूरी महफिल लूट लेना हो, थलाइवा का हर एक मूव आज भी आइकॉनिक है। फिल्म ‘जेलर’ में उनका वही सख्त, लेकिन खामोश दादाजी वाला अवतार याद है ना? पर्दे पर एक रिटायर्ड इंसान का रोल निभाते हुए भी उन्होंने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। ‘काक-वाणी’ का मानना है कि जब तक रजनीकांत का यह बेमिसाल स्वैग कायम है, तब तक उनके संन्यास की बात करना भी बेमानी है!

युवा हीरोज़ के लिए चलते-फिरते एक्टिंग स्कूल

आजकल के यंग एक्टर्स जहां दो एक्शन फिल्मों के बाद ही ब्रेक लेने का सोचने लगते हैं, वहीं 73 साल के रजनीकांत बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर देने में व्यस्त हैं। लोकेश कनकराज की आने वाली फिल्म ‘कुली’ हो या फिर टीजे ज्ञानवेल की ‘वेत्तैयान’, रजनीकांत का हाई-वोल्टेज एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस देखकर हर कोई हैरान है। उनके चेहरे की झुर्रियों में भी एक ऐसा स्टाइल और एटीट्यूड झलकता है, जो पूरी इंडस्ट्री में सिर्फ और सिर्फ उनके पास है।

काक-वाणी का फैसला: थलाइवा का हुकुम सिर आंखों पर!

तो भई, ‘काक-वाणी’ के गॉसिप गलियारों की सीधी और खरी राय यही है कि रजनीकांत सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता इमोशन हैं। जो लोग उनसे रिटायरमेंट की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें थलाइवा का एक ही जवाब है—“हुकुम! अभी तो असली खेल शुरू हुआ है!” जब तक उनके फैंस का प्यार बरकरार है, तब तक इस थ्रिलर एक्सप्रेस पर ब्रेक नहीं लगने वाला। इसलिए रिटायरमेंट की बातें करने वालों, थोड़ा सब्र करो, क्योंकि दादाजी अभी पूरे फॉर्म में हैं!


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कागा जी