स्वागत है दुनिया की सबसे बड़ी और बिना किसी फीस वाली ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में! यहाँ दाखिले के लिए किसी प्रवेश परीक्षा या योग्यता की जरूरत नहीं होती, बस आपके पास एक सस्ता स्मार्टफोन और एक चलता हुआ अंगूठा होना चाहिए। सुबह 5 बजे ‘गुड मॉर्निंग’ के चमकीले फूलों वाले मैसेज से शुरू होने वाली यह यूनिवर्सिटी रात 12 बजे तक परमाणु विज्ञान से लेकर रसोई के टोटकों तक पर ‘डॉक्टरेट’ की डिग्रियां बांटती है।
दावा बनाम हक़ीक़त: फॉरवर्ड का मायाजाल
हाल ही में हमारे ‘काक-वाणी’ फैक्ट-चेक डेस्क को एक फैमिली ग्रुप में बेहद ‘क्रांतिकारी’ रिसर्च मिली। दावा किया गया था कि यूनेस्को ने भारत के एक राष्ट्रीय गीत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गीत घोषित कर दिया है। इतना ही नहीं, नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक खास तरह की तरंगे सुनी हैं, जिससे इंसान बिना खाए-पिए 100 साल तक जिंदा रह सकता है!
आइए, इस व्हाट्सएपिया ज्ञान की हवा निकालते हैं और करते हैं इसका कड़ा फैक्ट-चेक:
काक-वाणी फैक्ट-चेक रिपोर्ट
दावा 1: नींबू और बेकिंग सोडा मिलाकर कान में डालने से हर बीमारी ठीक हो जाती है।
सच्चाई: सफेद झूठ! नींबू और सोडा केवल शिकंजी बनाने के काम आते हैं। कान में डालेंगे तो डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा, व्हाट्सएप के पास नहीं।
दावा 2: इस मैसेज को तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम 5 बजे तक बड़ी खुशखबरी मिलेगी। न भेजने पर मोबाइल की स्क्रीन टूट सकती है।
सच्चाई: सरासर बकवास! अगर आप 11 लोगों को यह कचरा भेजेंगे, तो 10 लोग आपको ब्लॉक कर देंगे। खुशखबरी बस इतनी होगी कि आपका डेटा खत्म हो जाएगा।
शर्मा जी का ज्ञान और कौवे की नजर
इस यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े प्रोफेसर आपके ‘मोहल्ले के शर्मा जी’ और ‘दूर के मौसा जी’ होते हैं। जो कल तक केवल चाय की दुकान पर बैठते थे, वे आज मैसेज फॉरवर्ड करके रातों-रात अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ और वायरोलॉजिस्ट बन चुके हैं। उनके पास हर वैश्विक संकट का इलाज केवल एक फॉरवर्डेड मैसेज में उपलब्ध है।
निष्कर्ष: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का यह फर्जी ज्ञान आपके दिमाग की बत्ती जलाने के बजाय उसे बुझा देता है। ‘काक-वाणी’ का स्पष्ट कहना है कि किसी भी वायरल मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। फॉरवर्ड का बटन दबाने से पहले थोड़ा कॉमन सेंस लगाएं, वरना हमारी पैनी नजर आपके फर्जी ज्ञान का यूं ही कबाड़ा करती रहेगी!