स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के विशेष खंड ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में! यहाँ ज्ञान की गंगा नहीं, बल्कि फॉरवर्डेड संदेशों की सुनामी बहती है। इस यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना किसी डिग्री या परीक्षा के, केवल एक ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाकर आप रातों-रात न्यूक्लियर साइंटिस्ट, हृदय रोग विशेषज्ञ या महान इतिहासकार बन सकते हैं। यहाँ का सिलेबस रोज सुबह ‘गुड मॉर्निंग’ के फूलों के साथ अपडेट होता है।
यूनेस्को का ‘बेस्ट’ अवार्ड और नासा का नया खुलासा
हाल ही में हमारी इस डिजिटल यूनिवर्सिटी के ‘फेक न्यूज डिपार्टमेंट’ से एक बेहद ही क्रांतिकारी खबर तेजी से वायरल हुई है। दावा किया गया है कि यूनेस्को (UNESCO) ने एक बार फिर भारतीय राष्ट्रगान को ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित किया है। इतना ही नहीं, पोस्ट में आगे लिखा है कि नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने भी मान लिया है कि सूर्य से लगातार ‘ॐ’ की ध्वनि निकल रही है, जिससे सौरमंडल का तापमान नियंत्रित रहता है। इस अद्भुत खोज के लिए नासा ने व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन को धन्यवाद भी दिया है!
ज्ञान की असली सच्चाई (Reality Check)
अब जरा इस दिव्य ज्ञान के पोस्ट-मॉर्टम पर आते हैं। जब हमारे काक-वाणी के खोजी कौवों ने सीधे यूनेस्को के पेरिस मुख्यालय में संपर्क किया, तो वहाँ के अधिकारी अपना सिर पकड़ कर बैठ गए। उन्होंने साफ किया, “भाई साहब, हम यहाँ विश्व धरोहरों को सहेजने में व्यस्त हैं। हमारे पास ऐसा कोई विभाग नहीं है जो गानों को ‘नंबर वन’ का तमगा बांटता फिरे।”
रही बात नासा की, तो उनके वैज्ञानिकों ने भी हाथ जोड़ लिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अंतरिक्ष में निर्वात (Vacuum) होने के कारण ध्वनि तरंगें यात्रा ही नहीं कर सकतीं। सूर्य से विद्युत चुंबकीय तरंगें निकलती हैं, जिन्हें विशेष उपकरणों से सुनने पर केवल एक ‘हंम’ (Humming) जैसी आवाज आती है, न कि कोई स्पष्ट मंत्रोच्चार। लेकिन धन्य हैं हमारे व्हाट्सएप के चाणक्य, जिन्होंने अमेरिका में बैठे वैज्ञानिकों को भी कान पकड़कर हिंदी सिखा दी!
सावधान रहें, सतर्क रहें!
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के इन स्वयंभू प्रोफेसरों का एकमात्र उद्देश्य वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना है। फिटकरी से कैंसर का इलाज करने से लेकर, तांबे के बर्तन से वाई-फाई की स्पीड बढ़ाने तक का सारा ‘अंधविश्वास’ इसी यूनिवर्सिटी की देन है।
काक-वाणी का सीधा संदेश है: अगली बार जब आपके पास “इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा” वाला संदेश आए, तो उसे आगे भेजने के बजाय अपने ‘कॉमन सेंस’ का इस्तेमाल करें और डिलीट का बटन दबाएं। देश का मानसिक स्वास्थ्य और आपका डेटा, दोनों सुरक्षित रहेंगे!