बॉलीवुड के ‘सिंघम’ यानी अजय देवगन अपनी दमदार एक्टिंग और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अजय ने साफ-साफ कहा कि आज के दौर में एक हिंदी फिल्म बनाना दुनिया का सबसे मुश्किल काम बन चुका है। ‘काक-वाणी’ के इस खास लेख में आइए जानते हैं कि आखिर माजरा क्या है और अजय का यह दर्द क्यों छलका है।
फिल्म बनाना नहीं, हिंदी फिल्म बनाना है असली चुनौती!
अजय देवगन सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक मंझे हुए निर्देशक और निर्माता भी हैं। उन्होंने ‘यू मी और हम’, ‘शिवाय’ और ‘भोला’ जैसी फिल्मों का खुद निर्देशन किया है। ऐसे में जब वह फिल्म मेकिंग के संघर्ष पर बात करते हैं, तो उनकी बातों में अनुभव का वजन साफ दिखाई देता है।
अजय देवगन का मानना है कि हिंदी सिनेमा के दर्शकों की पसंद पल-पल बदलती रहती है। उन्होंने कहा, “जब आप एक हिंदी फिल्म बनाते हैं, तो आपको पूरे देश के दर्शकों को ध्यान में रखना पड़ता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, हर क्षेत्र की संस्कृति और पसंद अलग है। ऐसे में एक ऐसी कहानी लिखना जो उत्तर भारत के दर्शकों को भी पसंद आए और पश्चिम भारत के दर्शकों को भी, बेहद पेचीदा काम है।” आज के समय में दर्शकों को ओटीटी के आराम से निकालकर सिनेमाघरों तक खींचना किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं है।
‘काक-वाणी’ का नजरिया: क्यों परेशान हैं हमारे सिंघम?
अब बात करें हमारी यानी ‘काक-वाणी’ की, तो अजय भाई की बात में सौ फीसदी दम है। आजकल बॉलीवुड में फिल्म रिलीज होने से पहले ही सोशल मीडिया पर अलग ही जंग छिड़ जाती है। कभी बॉयकॉट का ट्रेंड, तो कभी घिसे-पिटे कंटेंट का टैग! ऊपर से करोड़ों का बजट और बॉक्स ऑफिस पर पहले ही वीकेंड में सौ करोड़ कमाने का भारी दबाव। ऐसे में मेकर्स अपनी क्रिएटिविटी पर ध्यान दें या दर्शकों के बदलते मूड को भांपने में वक्त बिताएं?
वैसे, अजय देवगन इन दिनों अपनी ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी ‘सिंघम अगेन’ को लेकर भी खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। रोहित शेट्टी के कॉप यूनिवर्स की इस फिल्म से दर्शकों को भारी उम्मीदें हैं। लेकिन बड़े बजट की मसाला फिल्मों के बीच अजय का यह बयान कहीं न कहीं बॉलीवुड की अंदरूनी कशमकश और गंभीर चिंता को बयां करता है।
तो दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या सच में आज के दौर में हिंदी फिल्म बनाना सबसे कठिन काम बन गया है, या फिर यह साउथ सिनेमा से मिल रही कड़ी टक्कर का असर है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें और बॉलीवुड की ऐसी ही चटपटी खबरों के लिए ‘काक-वाणी’ पढ़ते रहें!
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