Story Title: एक रात के सफ़र की यादें
विक्रम और नीता को शहर से बाहर जाकर अपने अनिश्चित भविष्य के बारे में सोचने का मौका दिया था। वे दोनों जवान भारतीय शादी के बंधन में बंधे हुए थे। विक्रम एक सफल व्यवसायी था, जबकि नीता एक सहयोगी अध्यापिका थी। वे दोनों अपने नए घर में भारत में रहते थे लेकिन यह उनके पहले साथी हुए घर से भिन्न था। विक्रम ने अपने काम के दबाव में शामिल होते हुए नीता के साथ पूरा परिवार रहना छोड़ दिया था, जो उन्हें बहुत अकेला महसूस करवाता था।
इस दिन विक्रम ने कहा कि वह उन्हें शहर से दूर ले जाएगा, ताकि वे अपने जीवन में एक नए पहलू को देख सकें। वे एक हवाई जहाज में बैठे और एक छोटे से गांव जाने के लिए निकले। जब उन्होंने वहां पहुँचा तो उन्होंने एक छत से ऊँचे बाले उद्यान का संदर्भ देखा। पर्यटकों ने उन्हें बताया कि इस उद्यान में बहुत सारी जगह हैं जहाँ वे अपना समय बिता सकते हैं।
वे सोचने लगे कि उन्हें उस सफ़र की ज़रूरत है। उन्होंने यह सोचा कि उन्हें इस उद्यान में रुकना चाहिए इसलिए वे उस स्थान से रुक गए। वे उन्हें एक कोठी में रहने की सलाह दी गई। जब वे उस कोठी की ओर जा रहे थे, तो एक शानदार नदी उनके दाएँ हाथ से बह रही थी। वे अपनी आखों से उस सुंदर दृश्य को देखने का आनंद लेंगे।
उन्होंने कुछ झीलों के नजदीक जाकर खेत देखे। खेतों में चंद भटकते व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोक लिया। वह उस स्थान पर बनी किसी ब्रज में जा पहुँचे तो देखा कि एक रसोईघर में एक स्त्री अकेली खाना बना रही है। उन्होंने उसे देख के कहा कि यह कुछ खाने के लिए भी अच्छा होगा। वह बहुत आभारी हुई और वे सभी लोगों ने खाना खाया। पख्वाड़े की लाजवाब सुगंध और भोजन के साथ उन्हें एक अद्भुत महसूस हुआ।
तब से लेकर वे सभी मित्र बन गए। वे खुश हो गए क्योंकि उनका यह सफ़र बहुत स्मरणीय था। उन्होंने पहली बार भारतीय संस्कृति, भोजन, लोगों, और एक मेज़बान के द्वारा नई हिम्मत पाई थी। वे समझते थे कि जब हमने किसी के सम्बंध में कुछ जाना तब हम उससे जुड़ सकते हैं। अब उन्हें यह मालूम था कि इस भारतीय शहर के लोग बहुत दयालु थे।
तब से लेकर ये दोस्त बने और अब करीबी दोस्त हैं। वे समझते हैं कि उनकी दोस्ती की शुरुआत एक साफ और खुले दिल से हमसफ़र रहने के लिए की गई। इस सुंदर रात की यादें वे कभी नहीं भूल पाएंगे।