प्रणाम ज्ञानियों! ‘काक-वाणी’ के विशेष खंड ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। आज हम उस परम पावन ज्ञान गंगा की बात करेंगे, जो रोज सुबह आपके फोन की घंटी बजाकर आपकी नींद और बुद्धि दोनों का कत्ल करती है। हमारे देश में सत्य दो प्रकार के होते हैं—एक जो किताबों और रिसर्च में लिखा है, और दूसरा जो ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ (Forwarded many times) के चमकीले तमगे के साथ आपके पारिवारिक ग्रुप में तैरता है।
यूनेस्को का एकमात्र काम: भारतीय चीजों को बेस्ट घोषित करना
क्या आपको पता है कि यूनेस्को (UNESCO) के पास दुनिया में कोई और काम नहीं बचा है? जी हां, व्हाट्सएप के स्वयंभू शोधकर्ताओं के अनुसार, यूनेस्को हर साल नियम से हमारे राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित करता है। इतना ही नहीं, हमारे नए नोटों में ‘जीपीएस चिप’ होने की पुष्टि भी इसी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने की थी, जिससे नोट जमीन के 120 फीट नीचे से भी सिग्नल भेज सकता था। अब यह अलग बात है कि खुद यूनेस्को और आरबीआई के अधिकारियों को इस बात का पता तब चला, जब उनके पास इस दावे के फैक्ट-चेक के लिए फोन आने लगे।
व्हाट्सएप का चिकित्सा शास्त्र: लहसुन से कैंसर और नींबू से अमरता
स्टीफन हॉकिंग और थॉमस एडिसन जैसे वैज्ञानिक तो फालतू में सालों-साल लैब में सिर खपाते रहे। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘पारिवारिक डॉक्टरों’ के पास हर गंभीर बीमारी का इलाज चुटकियों में उपलब्ध है। सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से लेकर, नाक में दो बूंद नींबू का रस डालने से कोरोना भगाने तक—हर इलाज यहां पेटेंटेड है। डॉक्टरों की डिग्री एक तरफ और ‘फूफा जी’ द्वारा फॉरवर्ड की गई जड़ी-बूटी की पोस्ट एक तरफ। अगर आप इस पोस्ट को 11 लोगों को फॉरवर्ड नहीं करेंगे, तो चमत्कारी लाभ से वंचित रह जाएंगे!
नासा की दीवाली और तीन नीले टिक का खौफ
हर साल दीवाली की रात को नासा अंतरिक्ष से भारत की एक विशेष तस्वीर खींचता है, जिसमें हमारा देश दीयों की रोशनी से जगमगाता दिखता है। सच तो यह है कि उस एडिटेड सतरंगी तस्वीर को देखकर खुद नासा के वैज्ञानिक हैरान होते हैं कि उन्होंने यह जादुई कैमरा कब बनाया! इसके अलावा, सरकार आपके चैट्स पर नजर रख रही है और अगर आपके मैसेज पर ‘तीन नीले टिक’ आ गए, तो समझो सीधे जेल की तैयारी है।
तो प्रिय पाठकों, अगली बार जब आपके पास ‘इस संदेश को तुरंत फॉरवर्ड करें’ वाला कोई ज्ञान आए, तो उसे आगे बढ़ाने से पहले अपने दिमाग का इस्तेमाल करें। याद रखें, व्हाट्सएप पर तैरने वाला हर पीला संदेश सोना नहीं होता। ज्ञान बांटिए, लेकिन अंधविश्वास नहीं!