सुबह के साढ़े पांच बजते ही जब आपके फोन की घंटी ‘सुप्रभात’ के चमकीले गुलाबों और उड़ते हुए हंसों के साथ बजती है, तो समझ लीजिए कि ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ का दीक्षांत समारोह शुरू हो चुका है। इस अद्भुत विश्वविद्यालय के डीन आपके पड़ोस के शर्मा जी और प्रोफ़ेसर दूर के फूफा जी हैं। यहाँ ज्ञान की ऐसी अनवरत गंगा बहती है, जिसमें लॉजिक, साइंस और सामान्य ज्ञान तीनों सामूहिक रूप से जलसमाधि ले लेते हैं।
नासा का नया मिशन: हर भारतीय मैसेज को प्रमाणित करना
इस यूनिवर्सिटी का सबसे पसंदीदा और मुफ्त का नौकर है—’नासा’ (NASA)। नासा के वैज्ञानिकों के पास ब्रह्मांड की गुत्थियां सुलझाने के अलावा सिर्फ एक ही काम बचा है, वह है भारतीय व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स को प्रमाणित करना। हालिया ‘व्हाट्सएप रिसर्च’ के अनुसार, नासा ने सैटेलाइट से देखा है कि दीवाली के दिन भारत से एक ऐसी दिव्य रोशनी निकलती है जो सीधे ओजोन परत के छेद को रफू कर देती है।
जब हमारी काक-वाणी टीम ने इस दावे की पड़ताल की, तो पता चला कि नासा के वैज्ञानिक खुद परेशान हैं। उनके एक प्रवक्ता ने दबी जुबान में कहा, “भाई साहब, हम यहाँ मंगल ग्रह पर पानी ढूंढ रहे हैं, और भारत के फूफा जी हमें दीवाली की तस्वीरें वेरीफाई करने के काम पर लगाए हुए हैं!” सच तो यह है कि नासा ऐसी कोई तस्वीर जारी नहीं करता।
घरेलू नुस्खे: यमराज को हमेशा के लिए छुट्टी देने की तैयारी
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के मेडिकल डिपार्टमेंट की खोजें तो दुनिया के बड़े-बड़े नोबेल पुरस्कार विजेताओं को कोमा में भेज सकती हैं। यहाँ दावा किया गया है कि यदि आप सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू, अदरक, लहसुन और दो पत्ती पुदीना मिलाकर पिएंगे, तो आपको अगले सात जन्मों तक कोई बीमारी नहीं होगी।
काक-वाणी फैक्ट चेक: इस नुस्खे को पीने से कैंसर या हार्ट ब्लॉकेज तो ठीक नहीं होगा, लेकिन हाँ, आपके पेट में इतना भयंकर एसिड जरूर बन जाएगा कि आप सीधे डॉक्टर के क्लिनिक की तरफ दौड़ेंगे। इस विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है—’फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड’ (Forwarded as received)। यानी, राय हमारी है पर जिम्मेदारी आपकी!
यूनेस्को का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान पुरस्कार
पिछले दस सालों से हर स्वतंत्रता दिवस पर यूनेस्को भारत के राष्ट्रगान को ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित करता आ रहा है। बेचारा यूनेस्को हर साल थक-हारकर ट्वीट करता है कि भाई हमने ऐसा कोई अवॉर्ड नहीं दिया, लेकिन व्हाट्सएप के राष्ट्रभक्त मानने को तैयार ही नहीं हैं।
तो हे ज्ञान पिपासु पाठकों! अगली बार जब आपके पारिवारिक ग्रुप में ‘कैंसर का पक्का इलाज’ या ‘यूनेस्को का सर्टिफिकेट’ आए, तो उंगलियों को थोड़ा आराम दें। ज्ञान बांटने से बढ़ता है, लेकिन व्हाट्सएप का कचरा ज्ञान बांटने से सिर्फ समाज का ब्लड प्रेशर बढ़ता है। देश को इस मुफ्त के ज्ञान से बचाइए!