व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की ‘परम ज्ञान’ वाली प्रयोगशाला और यूनेस्को का गुप्त सर्टिफिकेट

पूरी दुनिया में ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और एमआईटी जैसी यूनिवर्सिटीज पानी कम चाय लगती हैं, जब मुकाबला हमारे अपने फोन में मौजूद ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ से होता है। इस महान विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना किसी प्रवेश परीक्षा के, केवल एक सस्ते इंटरनेट पैक के साथ कोई भी सीधे कुलपति (वाइस-चांसलर) बन सकता है। यहाँ ज्ञान की ऐसी गंगा बहती है, जिसमें बेचारे वैज्ञानिक तथ्य भी घुटने टेक देते हैं।

यूनेस्को का हर हफ्ते मिलने वाला ‘सर्वश्रेष्ठ’ अवार्ड

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के सबसे सक्रिय विभागों में से एक है ‘यूनेस्को और नासा विभाग’। यहाँ हर तीसरे दिन यूनेस्को द्वारा भारत की किसी न किसी चीज़ को “विश्व का सर्वश्रेष्ठ” घोषित कर दिया जाता है। कभी हमारा राष्ट्रगान सर्वश्रेष्ठ हो जाता है, तो कभी हमारे देश के सिक्के को दुनिया का सबसे सुंदर सिक्का घोषित कर दिया जाता है। ताज्जुब की बात यह है कि यूनेस्को के पेरिस मुख्यालय को भी इस बात की खबर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ही मिलती है। नासा के वैज्ञानिक भी हैरान हैं कि जो आवाजें उनके अरबों डॉलर के सैटेलाइट नहीं पकड़ पाते, वे हमारे व्हाट्सएप फॉरवर्ड करने वाले ताऊजी बिना ईयरफोन के सुन लेते हैं।

कैंसर का इलाज रसोई में: लहसुन-प्याज की क्रांतिकारी खोज

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में इस यूनिवर्सिटी का योगदान अतुलनीय है। जहाँ डॉक्टर सालों-साल रिसर्च करके दवाइयाँ बनाते हैं, वहीं हमारे पारिवारिक ग्रुप के प्रोफेसर्स सुबह-सुबह चाय की चुस्की लेते हुए केवल दो बूंद नींबू का रस नाक में डालने से हर खतरनाक वायरस का इलाज खोज लेते हैं। इलायची चबाने से कैंसर ठीक होने से लेकर, फिटकरी के पानी से दुनिया की हर महामारी को खत्म करने के नुस्खे यहाँ मुफ्त मिलते हैं। डॉक्टरों की क्या जरूरत है, जब हमारे ग्रुप एडमिन ही साक्षात धन्वंतरि बनकर बैठे हैं?

सच्चाई का कड़वा सच: फॉरवर्ड करने से पहले सोचें

सच्चाई यह है कि इस स्वघोषित विश्वविद्यालय का एकमात्र उद्देश्य ‘सत्यमेव जयते’ को ‘फॉरवर्डमेव जयते’ में बदलना है। बिना किसी प्रमाण के “इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा” वाले संदेशों ने समाज में ज्ञान से ज्यादा भ्रम और अफवाहें फैलाई हैं। अगली बार जब आपके पास ऐसा कोई ‘क्रांतिकारी ज्ञान’ आए, तो अपनी बुद्धि की बत्ती जलाएं, न कि केवल फॉरवर्ड का बटन दबाएं। काक-वाणी की सीधी सलाह है: इस यूनिवर्सिटी से मिलने वाली डिग्री केवल अज्ञानता की गारंटी देती है, इसलिए तथ्यों की जांच करें और अंधविश्वास के वायरस से दूर रहें।

कागा जी