व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया फरमान: यूनेस्को ने भारत के ‘गुड मॉर्निंग’ मैसेज को घोषित किया विश्व का सर्वश्रेष्ठ संदेश

स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के विशेष स्तंभ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं ज्ञान का वह महासागर, जिसकी लहरों में बहकर अच्छे-भले तार्किक इंसान भी ‘परम ज्ञानी’ बन जाते हैं। सुबह की पहली चाय के साथ जब तक आपके फोन पर कोई ऐसा मैसेज न आए जो आपके सीधे फेफड़ों और किडनी को हिलाकर रख दे, तब तक दिन की शुरुआत अधूरी सी लगती है। तो चलिए, आज करते हैं कुछ महा-वायरल दावों का असली फैक्ट-चेक!

दावा नंबर 1: यूनेस्को ने भारत के ‘गुड मॉर्निंग’ को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया

पिछले कुछ दिनों से एक संदेश तेजी से फैल रहा है कि यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के लोगों द्वारा भेजे जाने वाले ‘ओस की बूंदों और गुलाब के फूल वाले गुड मॉर्निंग’ मैसेज को दुनिया का सबसे बेहतरीन और सकारात्मक ऊर्जा वाला संदेश घोषित किया है। इस पुरस्कार की खुशी में हमारे मोहल्ले के शर्मा जी ने सुबह-सुबह पचास लोगों को यह मैसेज फिर से फॉरवर्ड कर दिया है।

सच्चाई: यूनेस्को के अधिकारियों को शायद यह भी नहीं पता कि भारत में सुबह-सुबह ‘सुप्रभात’ के नाम पर कितने जीबी डेटा और इंसानी दिमाग फूंक दिया जाता है। यूनेस्को के पास दुनिया के ऐतिहासिक स्मारकों को बचाने के अलावा और भी कई काम हैं। इसलिए कृपया अपने रिश्तेदारों को समझाएं कि सुबह की शांति ही असली पुरस्कार है, न कि वह चमकता हुआ गुलाब का जीआईएफ (GIF)।

दावा नंबर 2: नासा ने खोजा अंतरिक्ष में ‘ॐ’ का साउंड और गायब हुए नोटों का राज

व्हाट्सएप के ‘वैज्ञानिकों’ का दावा है कि नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्रियों ने जब अंतरिक्ष में कान लगाया, तो उन्हें केवल ‘ॐ’ की ध्वनि सुनाई दी। इसके साथ ही एक पुराना ज्ञान फिर से घूम रहा है कि बंद हो चुके दो हजार के नोटों में जो चिप थी, उसे अब पांच सौ के नोटों में ट्रांसफर कर दिया गया है।

सच्चाई: नासा वाले अभी भी अंतरिक्ष में एलियंस और पानी ढूंढ रहे हैं, उन्हें वहां कोई साउंड सिस्टम नहीं मिला है। रही बात नोटों में जीपीएस चिप की, तो अगर आपके नोट में चिप होती, तो आपकी जेब खाली होने पर सबसे पहले अलार्म आपके खाली बैंक अकाउंट में बजता। यह सिर्फ हमारे देश के खाली बैठे बुद्धिजीवियों की कल्पना है।

दावा नंबर 3: ग्यारह लोगों को भेजें, शाम तक मिलेगी बड़ी खुशखबरी!

“इस संदेश को पढ़ते ही तुरंत 11 लोगों या ग्रुप में भेजें। एक आदमी ने इसे नजरअंदाज किया, तो उसकी भैंस दूध देना बंद कर दी। जिसने भेजा, उसे शाम को रास्ते में पड़ा हुआ सोने का सिक्का मिला।”

सच्चाई: इस पूरे ब्रह्मांड में ऐसी कोई सैटेलाइट तकनीक नहीं बनी है जो आपके व्हाट्सएप फॉरवर्ड काउंट को ट्रैक करके आपकी किस्मत का फैसला करे। अगर खुशखबरी मिलनी होगी, तो मेहनत से मिलेगी, न कि ग्रुप्स को स्पैम करने से। काक-वाणी की अंतिम सलाह यही है: व्हाट्सएप पर आए ज्ञान को केवल मनोरंजन समझें और अपने दिमाग की बत्ती हमेशा जलती रखें!

कागा जी