सुबह के छह बजते ही जब आपके फोन की घंटी ‘टुंग’ से बजती है, तो समझ लीजिए कि ज्ञान का गंगाजल बह चुका है। आपके परिवार के सबसे ज्ञानी फूफाजी ने एक ऐसा संदेश भेजा है, जिसमें दावा किया गया है कि यदि आप रात को तकिए के नीचे लहसुन रखकर सोएंगे, तो आपके भाग्य के बंद दरवाजे खुल जाएंगे। स्वागत है आपका ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में, जहां बिना किसी डिग्री के रोज नए नोबेल पुरस्कार बांटे जाते हैं और विज्ञान अपने घुटने टेक देता है।
नासा और यूनेस्को: हमारे ‘परम मित्र’
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के इतिहासकारों और वैज्ञानिकों के केवल दो ही सबसे भरोसेमंद साथी हैं—नासा (NASA) और यूनेस्को (UNESCO)। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जिसे यूनेस्को ने ‘सर्वश्रेष्ठ’ घोषित न किया हो। हमारे राष्ट्रगान से लेकर हमारे देश की मिट्टी तक, सब कुछ यूनेस्को द्वारा प्रमाणित है (कम से कम व्हाट्सएप संदेशों में तो यही सच है)। वहीं दूसरी ओर, नासा के वैज्ञानिक अपनी अंतरिक्ष की खोज छोड़कर दिन-रात इस शोध में लगे हैं कि दिवाली की रात भारत अंतरिक्ष से कैसा दिखता है या शंख बजाने से हवा के बैक्टीरिया कैसे मरते हैं। इन दावों की कड़वी सच्चाई यह है कि बेचारे नासा वाले खुद हैरान हैं कि वे बिना बताए इतने सारे घरेलू नुस्खों के ‘को-फाउंडर’ कैसे बन गए!
सोने से बनी गाय और रोबोटिक मच्छर
हाल ही में एक क्रांतिकारी वैज्ञानिक शोध (व्हाट्सएप ग्रुप ‘सत्य ही शिव है’ के सौजन्य से) सामने आया कि एक खास नस्ल की गाय की पीठ पर सूर्य की किरणें पड़ने से सीधे २४ कैरेट का सोना बनता है। अब इस दावे के बाद देश के सुनार तो सोने की खदानें छोड़कर चारे की व्यवस्था में जुट गए हैं। इसी तरह, एक और संदेश घूम रहा है जिसमें दावा किया गया है कि एक खास रोबोटिक मच्छर सीधे आपके बैंक खाते से पैसे चूस लेगा। सच तो यह है कि इन दावों को पढ़कर आधुनिक विज्ञान भी किसी कोने में बैठकर रो रहा होगा।
ज्ञान बांटने का ‘पाप-पुण्य’ गणित
इस विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी शक्ति इसका ‘इमोशनल ब्लैकमेल’ है। संदेश के अंत में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है—’इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक कोई शुभ समाचार मिलेगा। अनदेखा करने पर भारी नुकसान हो सकता है।’ इस डर से अच्छे-भले तार्किक लोग भी इस ‘डिजिटल अंधविश्वास’ के भागीदार बन जाते हैं। तो अगली बार जब कोई आपको ऐसा ‘जादुई संदेश’ भेजे, तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, न कि केवल फॉरवर्ड करने वाले अंगूठे का। याद रखिए, व्हाट्सएप पर तैरने वाली हर चमकीली चीज सोना नहीं, बल्कि सिर्फ एक फॉरवर्डेड कचरा होती है।