वाह रे भारतीय लोकतंत्र! जहाँ बड़े-बड़े वादे, धरने और विपक्ष के तीखे बाण भी मंत्रियों की मोटी चमड़ी में छेद नहीं कर पाते, वहाँ एक अदना सा ‘कॉकरोच’ इतिहास रच देता है। जी हाँ, बीबीसी की ताजा सुर्खी ने साबित कर दिया है कि हमारे देश में अब क्रांति के लिए मिसाइलों या जन-आंदोलनों की नहीं, बल्कि रसोईघर में रेंगने वाले लालवेगों (कॉकरोच) की जरूरत है। छात्र कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने इस बात को इतनी गंभीरता से लिया कि उन्होंने पूरे मंत्री जी को ही ‘पेस्ट कंट्रोल’ की राह दिखा दी।
ज़ेड-प्लस सुरक्षा पर भारी पड़ी ‘कॉकरोच सेना’
सोचिए, जिस देश के मंत्रियों की सुरक्षा में दर्जनों बंदूकधारी, बुलेटप्रूफ गाड़ियाँ और सरकारी अमला तैनात रहता है, उनकी नींद हराम करने के लिए सिर्फ एक कूरियर लिफाफा काफी था। अभिजीत दिपके नामक इस ‘अराजक’ छात्र ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर सीधे मंत्री महोदय के पते पर कॉकरोच पार्सल कर दिए। हमारे शूरवीर मंत्री जी, जो जनता के तीखे सवालों से कभी नहीं डरते थे, वे इन बेजुबान कीड़ों को देखकर ऐसे बिदके कि सीधे अपनी गरिमामयी कुर्सी ही छोड़नी पड़ गई। शायद मंत्री जी को डर था कि ये कॉकरोच उनकी सरकारी फाइलों को नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक रसूख को कुतर देंगे।
राजनीति का नया ‘पेस्ट कंट्रोल’ मॉडल
काक-वाणी के सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद गृह मंत्रालय अब एक विशेष ‘एंटी-कॉकरोच स्क्वाड’ बनाने पर विचार कर रहा है। आखिर देश की आंतरिक सुरक्षा का सवाल है! जब माननीय मंत्री जी ने इतिहास के महापुरुषों पर विवादित टिप्पणी की थी, तब तो उनकी छाती छप्पन इंच की हो रही थी। लेकिन जैसे ही प्रतिक्रिया में अहिंसक रूप से कॉकरोच आए, वैसे ही सारी हेकड़ी रफूचक्कर हो गई। यह लोकतंत्र की वह अनूठी मिसाल है जहाँ जनता को ‘कीड़े-मकोड़े’ समझने वाले राजनेताओं को खुद कीड़ों से ही खौफ होने लगा है। बीबीसी ने भी इस खबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाकर साबित कर दिया कि भारत अब ‘सपेरों का देश’ नहीं, बल्कि ‘कॉकरोच से डरने वाले मंत्रियों का देश’ बन चुका है।
निष्कर्ष: लोकतंत्र का नया थर्मामीटर
अंततः, इस ‘कॉकरोच प्रोटेस्ट’ ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों की संवेदनशीलता भले ही कोमा में चली गई हो, लेकिन उनका डर अभी भी जिंदा है। अभिजीत दिपके ने देश के निराश युवाओं को एक नया आंदोलनकारी टूलकिट दे दिया है। अब देखना यह है कि अगली बार जब कोई नेता जनता की भावनाओं का मजाक उड़ाएगा, तो जनता उन्हें विरोध-पत्र भेजेगी या फिर हिट (Hit) स्प्रे के साथ कॉकरोचों की एक नई रेजिमेंट तैयार करेगी!
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