पंजाब की सुलगती भट्टी में घी डालने पहुंचे ‘पर्यवेक्षक’ अजय माकन और मीनाक्षी नटराजन

कांग्रेस पार्टी का एक पुराना और बेहद अनूठा उसूल रहा है—’जब भी घर में आग लगे, तो फायर ब्रिगेड बुलाने के बजाय, दूरबीन लेकर तमाशा देखने वाले दो नए ‘पर्यवेक्षक’ (ऑब्जर्वर) नियुक्त कर दो।’ इस बार इस महान लोकतांत्रिक परंपरा का निर्वाह करने की जिम्मेदारी मिली है पार्टी के दो दिग्गज नेताओं—अजय माकन और मीनाक्षी नटराजन को। इन दोनों परम ज्ञानियों को पंजाब भेजा जा रहा है, ताकि वे वहां धधक रही गुटबाजी की आग को अपनी ठंडी फुफकार से शांत कर सकें।

आग बुझाने आए हैं या तमाशा देखने?

पंजाब कांग्रेस की हालत उस बारात जैसी है, जहां हर कोई दूल्हा बनना चाहता है और शहनाई बजाने वाले को कोई पैसे नहीं देना चाहता। ऐसे में आलाकमान ने अजय माकन और मीनाक्षी नटराजन के नाजुक कंधों पर बंदूक रख दी है। माकन साहब दिल्ली में कांग्रेस को ‘पुनर्जीवित’ करने के अपने बेमिसाल ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं (नतीजा आज सबके सामने है)। अब वे पंजाब में संगठन की रगों में नई जान फूंकने जा रहे हैं। वहीं, मीनाक्षी नटराजन जी अपनी बौद्धिक शांति के साथ पंजाब के उस राजनीतिक अखाड़े में उतर रही हैं, जहां ‘शांति’ शब्द सुनते ही लोग लाठियां निकाल लेते हैं।

पर्यवेक्षक: कांग्रेस का सबसे प्रिय खिलौना

कांग्रेस के इतिहास में ‘पर्यवेक्षक’ शब्द का अर्थ बड़ा ही रहस्यमयी रहा है। इनका मुख्य काम होता है—पंजाब जाना, वहां के स्थानीय नेताओं के साथ फाइव-स्टार होटल में चाय-समोसे खाना, सबकी शिकायतें एक चमकीली डायरी में लिखना, और दिल्ली लौटकर आलाकमान को एक ऐसी भारी-भरकम रिपोर्ट सौंपना जिसे कोई कभी नहीं पढ़ता। पंजाब के नेता भी इन पर्यवेक्षकों का इंतजार पलकें बिछाकर करते हैं, ताकि वे दिल्ली से आए मेहमानों के कान में बता सकें कि उनका बगल वाला साथी नेता कितना बड़ा गद्दार है।

रिपोर्ट कार्ड और दिल्ली का संतोष

पंजाब कांग्रेस का संकट कोई नया नहीं है। यहाँ हर नेता खुद को मुख्यमंत्री का स्वाभाविक दावेदार मानता है। ऐसे में इन दोनों नए पर्यवेक्षकों का पहला काम तो यह होगा कि वे खुद को इस अंतहीन अंदरूनी लड़ाई से सुरक्षित बचाएं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नियुक्ति से पंजाब में भले ही कोई बदलाव न हो, लेकिन दिल्ली में बैठे नीति-निर्माताओं को यह संतोष जरूर रहेगा कि ‘हमने कोशिश तो की।’

काक-वाणी का सीधा सवाल: क्या माकन और नटराजन जी के पास कोई ऐसा जादुई मंत्र है, जिससे वे नेताओं की महत्वाकांक्षा को एक ही पिंजरे में बंद कर सकें? जवाब सबको पता है, लेकिन कांग्रेस को प्रक्रिया में विश्वास है, परिणाम में नहीं। खैर, पंजाब के थियेटर में नया शो शुरू हो चुका है, टिकटें मुफ्त हैं और मनोरंजन की पूरी गारंटी है!


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कागा जी