‘पैन-इंडिया’ के टैग पर नानी ने दागा तीखा सवाल, पूछा- हिंदी हिट्स को यह तमगा क्यों नहीं मिलता?

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच का मुकाबला अब केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह शब्दों और लेबल्स की जंग भी बन चुका है। हाल ही में तेलुगु सिनेमा के ‘नेचुरल स्टार’ नानी ने एक ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री से लेकर दर्शकों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। नानी ने सवाल उठाया है कि आखिर ‘पैन-इंडिया’ शब्द का ठेका सिर्फ साउथ की फिल्मों ने ही क्यों ले रखा है?

साउथ फिल्मों पर ही क्यों चढ़ता है ‘पैन-इंडिया’ का रंग?

अपनी फिल्म ‘सारिपोधा सनिवाम’ के प्रमोशन के दौरान नानी ने इस अजीबोगरीब भेदभाव पर खुलकर बात की। नानी का कहना है कि जब भी कोई साउथ की फिल्म उत्तर भारत में रिलीज होकर कमाई के झंडे गाड़ती है, तो उसे तुरंत ‘पैन-इंडिया’ फिल्म घोषित कर दिया जाता है। लेकिन जब कोई बड़ी हिंदी फिल्म, जैसे ‘दंगल’, ‘जवान’ या ‘पठान’ साउथ के राज्यों में ताबड़तोड़ कमाई करती है, तो उसे सिर्फ एक ‘हिंदी ब्लॉकबस्टर’ कहा जाता है, न कि पैन-इंडिया फिल्म।

नानी का यह सवाल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। ‘काक-वाणी’ के गलियारों में भी इस तीखे बयान की गूंज है। नानी ने बड़ी सादगी से पूछा, “हम अपनी फिल्मों को पैन-इंडिया कहते हैं क्योंकि हम उन्हें डब करके दूसरी भाषाओं में रिलीज कर रहे हैं। लेकिन जब एक बड़ी हिंदी फिल्म पूरे देश में रिलीज होती है और हर कोने से कमाती है, तो उसे यह टैग क्यों नहीं दिया जाता? क्या वो पैन-इंडिया नहीं हैं?”

नानी की ‘काक-दृष्टि’: भाषा का खेल या मार्केटिंग का लोचा?

देखा जाए तो नानी की इस बात में गहरा तर्क छिपा है। बॉलीवुड सालों से पूरे देश के सिनेमाघरों पर राज कर रहा है, लेकिन कभी भी किसी हिंदी फिल्म के पोस्टर पर ‘पैन-इंडिया फिल्म’ नहीं लिखा गया। इसके विपरीत, आजकल साउथ की हर दूसरी फिल्म खुद को पैन-इंडिया साबित करने के लिए बेताब दिखती है। कहीं यह सिर्फ एक मार्केटिंग स्टंट और हवा बनाने का जरिया तो नहीं बन चुका है?

‘काक-वाणी’ का मानना है कि नानी ने इस दोहरे रवैये पर उंगली उठाकर सिनेमाई दुनिया के इस कथित क्लास-सिस्टम की पोल खोल दी है। सिनेमा तो आखिरकार सिनेमा है, चाहे वह उत्तर का हो या दक्षिण का। जब दर्शक हर भाषा की फिल्म को दिल खोलकर अपना रहे हैं, तो इन लेबल्स की क्या जरूरत?

अब देखना यह है कि नानी के इस बेबाक बयान पर बॉलीवुड के दिग्गजों की क्या प्रतिक्रिया आती है। क्या वे इस भेदभाव को स्वीकार करेंगे, या फिर इसे भी केवल एक बयान मानकर रफा-दफा कर दिया जाएगा?


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कागा जी