व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के अद्भुत सच: यूनेस्को से लेकर लहसुन के चमत्कार तक

हमारे देश में आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थान तो बस नाम के हैं। असली ज्ञान तो ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की गलियों में बहता है, जहां सुबह की ‘राम-राम’ के साथ सीधे नासा और यूनेस्को की गुप्त रिपोर्टें आपके इनबॉक्स में लैंड करती हैं। ‘काक-वाणी’ के इस विशेष अंक में हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसे ही वायरल ‘परम सत्यों’ का पोस्टमार्टम, जिन्हें पढ़कर न्यूटन और आइंस्टीन भी स्वर्ग में अपना सिर खुजला रहे होंगे।

1. यूनेस्को का भारत के प्रति उमड़ता हुआ प्रेम

व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) के पास और कोई काम नहीं है सिवाय भारतीय चीजों को ‘सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करने के। कभी हमारे राष्ट्रगान को दुनिया का सबसे बेहतरीन राष्ट्रगान घोषित किया जाता है, तो कभी दो हजार के नोट में छिपी ‘जीपीएस चिप’ को दुनिया का आठवां अजूबा मान लिया जाता है। सच तो यह है कि यूनेस्को के मुख्यालय को खुद नहीं पता होता कि उसने कब और किसे अवॉर्ड बांट दिया। लेकिन हमारे फूफाजी और मौसाजी इस खबर को ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ के ठप्पे के साथ ग्रुप में शेयर करके गर्व से चौड़े हो जाते हैं। फैक्ट चेक? छोड़िए जनाब, व्हाट्सएप पर भावनाएं देखी जाती हैं, तथ्य नहीं!

2. पारिवारिक ग्रुप्स के घरेलू ‘नोबेल पुरस्कार’ विजेता डॉक्टर

कैंसर हो, जुकाम हो या कोई नई महामारी, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के पारिवारिक ग्रुप्स में हर बीमारी का इलाज आपकी रसोई में मौजूद है। ‘सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से दिल के ब्लॉक खुल जाते हैं’ और ‘नींबू के रस की दो बूंदें नाक में डालने से ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है’ – यह ज्ञान बांटने वाले हमारे स्वघोषित न्यूरोसर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट रिश्तेदार होते हैं। जब दुनिया के वैज्ञानिक लैब में पसीना बहा रहे होते हैं, तब हमारे जीजाजी व्हाट्सएप पर ‘कपूर की पोटली’ से वायरस भगा रहे होते हैं। डॉक्टरों की डिग्री तो बस एक कागज का टुकड़ा है, असली मसीहा तो कीपैड के पीछे बैठे ये ज्ञानी हैं।

3. नासा ने अंतरिक्ष में सुनी ‘ॐ’ की ध्वनि

अंतरिक्ष विज्ञान की सबसे बड़ी खोज भी नासा ने नहीं, बल्कि हमारे पड़ोसी वर्मा जी के व्हाट्सएप स्टेटस ने की थी। दावा किया गया कि नासा के वैज्ञानिकों ने जब सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की, तो उसमें से स्पष्ट रूप से ‘ॐ’ की ध्वनि सुनाई दे रही थी। नासा वाले आज भी सोच रहे हैं कि उनके अरबों डॉलर के सैटेलाइट जो रहस्य नहीं सुलझा पाए, वह भारत के एक सस्ते एंड्रॉइड फोन ने कैसे डिकोड कर लिया।

निष्कर्ष: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की इन फर्जी डिग्रियों से बचिए। अगली बार जब कोई आपको ‘तुरंत फॉरवर्ड करें वरना अनहोनी होगी’ वाला संदेश भेजे, तो अपनी उंगलियों को थोड़ा आराम दीजिए और दिमाग का इस्तेमाल कीजिए। याद रखिए, हर फॉरवर्डेड मैसेज सच नहीं होता और हर ज्ञान देने वाला वैज्ञानिक नहीं होता!

कागा जी