सरगम का संगीत
एक छोटे से गांव में रहने वाली एक लड़की थी जिसका नाम सरगम था। वह अपने परिवार के साथ बड़े से बड़ा सुख और समृद्धि का जीवन जीने में व्यस्त थी। लेकिन सरगम का सपना था कि वह अपने सारे समय और सांसों को गायन में लगा दे। उसकी सर्वोच्च पसंद संगीत और गायन थे। उसने कई बार गांव में होने वाली कैंसर्ट्स में अपनी आवाज को सुन्दरता से बिखेर दीया। इस प्रकार वह कुछ रुक नहीं पाई।
सरगम के परिवार वाले उसे उन्हें जीवन में कहीं आगे बढ़ने के लिए कभी समझाने की कोशिश नहीं करते थे। वह उसे बार-बार बताते कि उसे आईएएस या एमबीए की तैयारी करनी चाहिए जिससे उसे एक सुखद और धनवान्मय जीवन हो। परंतु सरगम का मन उससे बिल्कुल नहीं मानता था। उसका सबसे समय अपनी प्रिय सारंगी पर बैठकर संगीत बजाने में गुजर जाता था।
उस दिन से सारंगी के सुरों में प्यार भरी मुस्कुड़ाहट आती थी। सरगम को मालूम था कि वह संगीत के माध्यम से अपने सपनों को पूरा कर सकती है। उसे अपने पॉच में होमपेज ऑफ़ संगित जैसे किताबें बड़ी शौक से पढ़ना पसंद था।
एक दिन सरगम अपने नानाजी से मिलने गई जो की एक प्रसिद्ध गायक थे। वह उसके जीवन में नई दिशा प्रदान करने आए थे। वह उसे अपने संगीत कक्ष में ले गए जहाँ उन्हें संगीत की उच्च शिक्षा तथा अनुभव का मौका भी प्राप्त हुआ। सरगम ने उनके संगीत के ज्ञान का कभी भरोसा नहीं किया था। वह उनसे प्रतिदिन अपने संगीत की सीख लेती थी जो उन में संगीत के ज्ञान के अलावा नई जीवनशैली और अंदाज डालने में भी सहायता मिली। सरगम अपने संगीत की इच्छाओं को पूरा करती रही और उसके संगीत को करीबी और चाहने वालों से बहुत प्रशंसा मिलती थी।
अगले कुछ समय में सरगम की लोकप्रियता काफी बढ़ गई। उसे अपना पहचान बनाने में सफलता मिली। संगीत जिद्दी थी जो उसकी इच्छाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायता करती थी।
उन्होंने एक युवा संगीतकार से महसूस किया कि वह उससे ज्यादा वर्षों में बढ़ गया है। वह अपनी संगीत भावनाओं और योग्यताओं का संयम धर रहा था जो सरगम ने ध्यान दिया था। सरगम ने एक बड़ा निर्णय लिया जो कि संगीत से संबंधित था। उसे यह लगता था कि यह कहानी बहुत सारे लोगों को संवेदनशील बना सकती है जो संगीत से संबंधित भावनाओं को नहीं समझते और नहीं मौलिकतः प्रतिसाद देते हैं।
उसने एक संगीत कॉन्सर्ट आयोजित किया जहाँ से उसने अपने संगीत की भावनाओं को बढ़ावा दिया। वह यह सिद्ध करने में सफल हुई कि संगीत उसे मूल्य देता है जो वह करना चाहती है।
इस कहानी से सबक मिलता है कि यदि हम अपनी खुशियों के साथ संगीत के दोनों ही मद्दों की ओर जाते हैं तो जीवन बन जाता है। अगर हम अपनी खुशियों के साथ हमेशा संगीत करते रहते हैं तो हम हमेशा खुश रहेंगे।
अतः, संगीत से संबंधित ज्ञान को सीखें और संगीत की ज्यादा सुंदर भावनायों से अपने जीवन को भर दें।