घने सुंदरवन में ‘वीर’ नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली बाज रहता था। उसे अपनी तीखी नजरों और मजबूत पंखों पर बहुत घमंड था। वह अक्सर जंगल के छोटे और कमजोर जीवों का मजाक उड़ाता था। जंगल के सभी छोटे जानवर उससे डरते थे और उसके साए से भी दूर ही रहते थे।
अहंकार और शक्ति का घमंड
वीर का मानना था कि दुनिया में केवल शक्तिशाली जीवों का ही अधिकार होना चाहिए। एक दिन, एक छोटी गिलहरी ‘चीकू’ भोजन की तलाश में गलती से वीर के घोंसले के पास पहुँच गई। वीर ने उसे अपनी नुकीली चोंच में दबोच लिया। चीकू ने थर-थर काँपते हुए कहा, “हे जंगल के राजा! मुझे मत मारो, शायद किसी दिन मैं भी आपके किसी काम आ सकूँ।” वीर उसकी बात सुनकर जोर से हँसा और गिलहरी को यह कहकर फेंक दिया, “तुझ जैसा तुच्छ जीव मेरे किस काम आएगा?”
समय का चक्र और भयंकर तूफान
समय बीता और प्रकृति का नियम बदला। वीर बूढ़ा होने लगा। एक रात जंगल में भयानक तूफान आया। तेज हवाओं और बिजली की गड़गड़ाहट में वीर का घोंसला तिनके की तरह उड़ गया। पेड़ की एक भारी डाल उसके पंख पर आ गिरी, जिससे उसका पंख टूट गया और आँखों की रोशनी भी धुँधली हो गई। अब वीर न तो उड़ सकता था और न ही शिकार कर सकता था।
जो बाज कभी पूरे आसमान पर राज करता था, वह आज जमीन पर असहाय पड़ा था। जिन चाटुकार पक्षियों के सामने वह अपनी ताकत का डंका बजाता था, वे सब उसे इस हालत में अकेला छोड़कर चले गए। वीर भूख, प्यास और असह्य दर्द से तड़प रहा था। उसे अपनी मृत्यु साफ नजर आ रही थी।
सच्ची आत्मीयता और निःस्वार्थ सेवा
तभी वहाँ से नन्हीं गिलहरी चीकू गुजरी। वीर की यह दर्दनाक हालत देखकर उसका दिल पिघल गया। चीकू अपने साथ मीठे फल और पानी के छोटे-छोटे कतरे ले आई। उसने रोज वीर के घावों पर जड़ी-बूटियाँ लगाईं और उसे प्रेम से खाना खिलाया।
वीर की आँखों में पश्चाताप के आँसू आ गए। उसने रोते हुए पूछा, “चीकू, मैंने तो हमेशा तुम्हारा और तुम्हारे जैसे छोटे जीवों का अपमान किया है। फिर भी तुम मेरी जान क्यों बचा रही हो?”
चीकू ने नम्रता से कहा, “राजा जी! असली ताकत शरीर में नहीं, दिल में होती है। दया का कोई आकार नहीं होता।” वीर का सारा अहंकार टूटकर बिखर गया। उसे समझ आ गया कि सच्चा धन ताकत नहीं, बल्कि दया और प्रेम है।
कहानी की सीख
नैतिक सीख: इस पंचतंत्र की नैतिक कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कभी भी अपनी ताकत या पद का घमंड नहीं करना चाहिए। समय हमेशा एक सा नहीं रहता। मुसीबत के वक्त किसी की छोटी सी मदद भी जीवन बदल सकती है, और दया का भाव ही व्यक्ति को वास्तव में महान बनाता है।