बॉलीवुड के सबसे कड़क, बेबाक और बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर के निधन की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। अपनी कड़क आवाज, अनूठे अभिनय और ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने’ जैसे आइकॉनिक संवादों से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर के जाने से ऐसा लग रहा है मानो भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन हो गया है। ‘काक-वाणी’ की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे पूरा देश इस महान कलाकार को नमन कर रहा है।
अक्षय कुमार हुए भावुक: कहा ‘एक युग का अंत हो गया’
फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर के साथ स्क्रीन शेयर करने वाले बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार ने इस दुखद खबर पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अक्षय ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि नाना सर का जाना उनके लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा, “नाना पाटेकर का जाना वाकई एक युग का अंत है। उनका अभिनय इतना जीवंत था कि स्क्रीन पर उनके आते ही समां बंध जाता था। सेट पर उनका ऊर्जावान स्वभाव और अनुशासन सीखने लायक था। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।”
मुख्यमंत्री फडणवीस और दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
सिनेमा जगत के अलावा राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर दौड़ गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील समाजसेवक भी थे। उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों की जो निस्वार्थ सेवा की, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने अपना एक सच्चा, जमीनी और बेबाक बेटा खो दिया है।
‘क्रांतिवीर’ से ‘वेलकम’ तक का अविस्मरणीय सफर
नाना पाटेकर का अभिनय करियर हर नए कलाकार के लिए एक मिसाल है। फिल्म ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब्तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने यह साबित किया कि वह गंभीर ड्रामा से लेकर कॉमिक टाइमिंग तक हर किरदार में जान फूंक सकते थे। बिना किसी गॉडफादर के अपनी शर्तों पर इंडस्ट्री में मुकाम हासिल करना उनकी खासियत थी।
नाना पाटेकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि अभिनय की एक पूरी यूनिवर्सिटी थे। काक-वाणी परिवार इस महान आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। अलविदा नाना, आपकी कड़क आवाज और शानदार अभिनय भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा!
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