काक-वाणी के प्रतिष्ठित ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ विभाग में आपका हार्दिक स्वागत है। आज का यह विशेष बुलेटिन उन सभी ज्ञानपिपासु महानुभावों के लिए है, जो सुबह की चाय की चुस्की से पहले पांच अलग-अलग पारिवारिक ग्रुप्स में ब्रह्मांड का परम सत्य परोस देते हैं। हाल ही में हमारे सर्वोच्च सूत्रों (जो कि किसी रिटायर्ड फूफाजी के फैमिली ग्रुप से प्राप्त हुए हैं) ने सोशल मीडिया का एक नया और क्रांतिकारी ‘फैक्ट चेक’ मॉडल पेश किया है।
नासा और यूनेस्को का संयुक्त फरमान
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ शोधकर्ताओं ने यह नया तथ्य खोज निकाला है कि अगर आपने आज रात 12 बजे से पहले यह संदेश 11 लोगों को फॉरवर्ड नहीं किया, तो आपके मोबाइल की बैटरी का रंग बदलकर गुलाबी हो जाएगा और आपका फोन अपने आप भजन बजाने लगेगा। विशेष बात यह है कि इस गंभीर खोज की पुष्टि यूनेस्को ने अपने गुप्त हेडक्वार्टर से की है और नासा के उपग्रहों ने भी इसकी फोटो ली है। अगर आपको अब भी किसी तरह का संदेह है, तो मैसेज के अंत में लिखे “फॉरवर्डेड ऐज़ रीसीव्ड” को ध्यान से पढ़ें। यह शब्द किसी भी खबर को अदालत में निर्दोष साबित करने के लिए काफी हैं।
नया फैक्ट चेक: ‘मन को भाया, तो सच माना’
पुराने जमाने के पत्रकार और फैक्ट-चेकर्स सबूत मांगते थे, लेकिन व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया नियम बेहद प्रगतिशील है। इस नए नियम के अनुसार: यदि कोई मैसेज पढ़कर आपके राजनीतिक या सामाजिक विचारों को तसल्ली मिलती है, तो वह 100% प्रामाणिक सत्य है। उदाहरण के लिए, यदि मैसेज में लिखा है कि “अदरक का छिलका चबाने से 5G नेटवर्क पकड़ने की क्षमता बढ़ती है,” तो आपको गूगल करने की बिलकुल जरूरत नहीं है। बस आंखें बंद कीजिए, अंगूठा दबाइए और 20 ग्रुप्स में भेज दीजिए।
वैज्ञानिक तर्क और फॉरवर्ड का पुण्य
हमारी यूनिवर्सिटी के डीन का कहना है कि जो लोग किसी खबर को सच मानने से पहले तर्क या गूगल का इस्तेमाल करते हैं, वे वास्तव में डिजिटल समाज की शांति भंग कर रहे हैं। जब सिर्फ मैसेज फॉरवर्ड करने मात्र से घर में समृद्धि आ सकती है और पुराना फोन आईफोन बन सकता है, तो बेमतलब की सच्चाई की जांच करके अपने रिश्तेदार का दिल क्यों दुखाना?
काक-वाणी की विशेष चेतावनी: इस लेख को पढ़ने के तुरंत बाद इसे अपने कम से कम 10 व्हाट्सएप ग्रुप्स में अवश्य भेजें। ऐसा न करने पर अगले तीन दिनों तक आपके फोन में केवल ‘गुड मॉर्निंग’ वाले फूलों के फोटो ही डाउनलोड होंगे!