नमस्कार पाठकों! ‘काक-वाणी’ के अति-प्रतिष्ठित अनुभाग ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। आज हम बात करेंगे सोशल मीडिया पर चल रहे उस नए ‘फैक्ट चेक’ की, जिसने दुनिया भर के पत्रकारों और वैज्ञानिकों की रातों की नींद उड़ा दी है। जी हां, अब फर्जी खबरों को पकड़ने के लिए किसी गूगल या किसी जांच एजेंसी की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारी यूनिवर्सिटी के प्रखर शोधकर्ताओं ने एक नया स्वदेशी अल्गोरिदम ढूंढ निकाला है।
व्हाट्सएप लैब्स की नई ‘परम सत्य’ तकनीक
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘डिपार्टमेंट ऑफ फर्जीफिकेशन एंड फॉरवर्ड्स’ ने हाल ही में घोषणा की है कि किसी भी मेसेज की सत्यता जांचने के लिए अब आपको बस यह देखना है कि मेसेज के अंत में ‘नासा ने भी माना है’ या ‘यूनेस्को ने इसे सर्वश्रेष्ठ घोषित किया है’ लिखा है या नहीं। अगर ये जादुई शब्द लिखे हैं, तो समझ लीजिए कि वह मेसेज सीधे ब्रह्मांड के अंतिम सत्य से डाउनलोड होकर आया है।
हमारे पारिवारिक ग्रुप के एडमिन महोदय का कहना है, “अगर कोई खबर हमें अच्छी लगती है और हमारी सोच से मेल खाती है, तो वह 100% सच है। इसमें सबूत मांगने वाले लोग असल में समाज का माहौल खराब कर रहे हैं। हमने तो मेसेज पर ‘डिजिटल नींबू-मिर्च’ टांग दिया है ताकि कोई इस पर शक की नजर न डाल सके।”
फैक्ट चेकिंग के तीन नए ‘अचूक’ नियम
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही नई गाइडलाइंस के अनुसार, किसी भी खबर को सच्चा साबित करने के लिए तीन कसौटियां तय की गई हैं:
1. इमोजी की संख्या: जिस मेसेज में कम से कम 15 चेतावनी वाले लाल इमोजी और सायरन लगे हों, वह खबर आपातकालीन और पूरी तरह सत्य मानी जाएगी।
2. पुण्य का लालच: यदि मेसेज के अंत में ‘इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक खुशखबरी मिलेगी’ लिखा है, तो उस पर सवाल उठाना सीधे-सीधे पाप की श्रेणी में आएगा।
3. फॉन्ट और कैपिटल लेटर्स: अगर बात चीख-चीखकर यानी बड़े अक्षरों में लिखी गई है, तो उस पर तर्क करना बेवकूफी है।
‘काक-वाणी’ का निष्कर्ष
अगर कोई सिरफिरा व्यक्ति इन फॉरवर्ड्स पर सवाल उठाने या असली फैक्ट चेक का लिंक भेजने की गुस्ताखी करता है, तो हमारी यूनिवर्सिटी का त्वरित न्याय तंत्र सक्रिय हो जाता है। उस व्यक्ति को तुरंत ग्रुप से ब्लॉक कर दिया जाता है और ‘ज्ञानचंद’ की उपाधि दे दी जाती है।
अतः ‘काक-वाणी’ की आपको यही मुफ्त सलाह है कि अपना दिमाग अलमारी में बंद करके रखें, अंगूठे को तेज चलाएं और बिना पढ़े हर मेसेज को 50 ग्रुप्स में फॉरवर्ड करते रहें। क्योंकि याद रखिए—पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे खराब, फॉरवर्ड करोगे तो बनोगे एडमिन के नवाब!