Title: आत्मा का संवाद- स्पिरिचुअल उद्धरण
तोड़ दो बांध मन के, तुम अपनी निजता में स्थित हो जाओ। – श्री रविशंकर
मूर्ख वह नहीं है जो अपनी मूर्खता नहीं जानता, किन्तु बुद्धिमान वह है जो अपनी मूर्खता जानता है। – शंकराचार्य
कर्म करने की स्वाधीनता ही मुक्ति है। – श्री रविशंकर
अर्पित शीश गिरा कैसा, जो कर्म करो उसी का फल होता है। – स्वामी विवेकानंद
भगवान से बात करो, ध्यान करो, उसे जानो। – गिता
शुद्धता में भक्ति है, भक्ति में ज्ञान है, ज्ञान में मुक्ति है। – गुरु नानक
गलती करना मानवता है, माफ़ करना भगवनता है। – महात्मा गांधी
दुःख वही से शुरू होता है, जहाँ से अपेक्षा होती है। – महावीर स्वामी
आत्मा उस आदि से आती है, जो अप्रकृत है। – बुद्ध
लोग दो प्रकार के होते हैं, अहंकारी और भक्त। – श्री रविशंकर
अनुभव ही दीक्षा है। – अवतार मीमांसक
धर्म धोखा नहीं है, लेकिन उसके नाम पर किए गए कुछ कार्य धोखा हो सकते हैं। – दलाई लामा
जो शांति में है, वह सब अच्छा लगता है। – स्वामी विवेकानंद
यहां, इस भौतिक संसार में, सब कुछ धोखा है। – शंकर
अंतरात्मा ह तो सब हैं, न हो तब कुछ नहीं है। – योगी आरुणाचल
ध्यान एक सफर है। – स्वामी विवेकानंद
जानिए खुद को, और फिर उसे छोड़ दीजिए। – ओशो
मैं जानता हूं कि मैं कुछ नहीं जानता। – सोक्रेटीज
अंधविश्वास बुरा नहीं होता है, केवल उत्पादकों द्वारा लाभ के लिए उपयोग किया जाता है। – रवींद्रनाथ टैगोर
समता ही सच्चा धर्म है। – गौतम बुद्ध
ज़रूरत से ज्यादा प्रेम मिले तो वह दैनिक जीवन का चमत्कार है। – मदन मोहन मलवीय
जीवन की आधार शिक्षा होती है। – स्वामी विवेकानंद
दोष देखकर नहीं, समस्या देखकर समाधान करो। – सद्गुरु जग्गी वसुदेव
जीवन एक गोल और साफ झरने के जैसा है। – रबींद्रनाथ टैगोर
छोटी सी देन में भी प्रेम होता है। – मदन मोहन मलवीय
शांति, ध्यान और समंदोष – इन तीनों में निर्वाण है। – बुद्ध
आत्मा अनंत है, नित्य है और अविकार है। – स्वामी विवेकानंद
सुखी जीवन का सबसे बड़ा रहस्य- अल्पकारण, रविवार और स्वस्थ अनदेखा रखना। – मदन मोहन मलवीय
शान्ति अंतर्मन का स्वास्थ्य है। – गुरु नानक
वह व्यक्ति सबसे बड़ा हीरो है, जो कभी किसी का दुख नहीं पहुँचाता। – लाओ ट्सू
समझदारी प्राचीन सभ्यता की खज़ानी है। – तोलस्टोई
जहाँ अन्तर की शांति हो, वहाँ परमात्मा होते हुए भी प्रकट नहीं होते हैं। – शंकर
चतुराई व्यक्तित्व का संकेत है। – सोक्रेटीज
आत्मा मुक्त है, मुक्त होने का उपाय स्वयं के हृदय में है। – शंकर
शांति बाहर से नहीं, शांत अंतर से आती है। – बुद्ध
त्याग ही मुक्ति का प्रयोग है। – योगी आरुणाचल
उदारता ही भगवन के जैसा होने का दर्जा है। – महात्मा गांधी
काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार से बचें, वहीं हमारी मुक्ति है। – शंकर
अपनी मुक्ति के लिए अपनी अस्तित्व के माध्यम का उपयोग करें, न कि अपनी अस्तित्व के माध्यम का उपयोग करें। – योगी आरुणाचल
भाग्य से पहले बांटो, पुरस्कार से सही। – स्वामी विवेकानंद
आकाशीय सद्भावना सच्चाई होती है। – बुद्ध
समता और अहिंसा स्वर्ग में होती हैं। – महात्मा गांधी
अपनी धर्म नहीं तो अखंडता हो। – शंकर
मुस्कुराहट से जीता जाता दुनिया में, दुख से भी जीता जाता है। – मदन मोहन मलवीय
भगवान तो सबका उसे जानना जरूरी है। – गीता
लिखना ही जीवन का संघर्ष होता है। – रबींद्रनाथ टैगोर
भाग्य सच नहीं बनाता, परिश्रम बनाता है। – सोक्रेटीज
धर्म और जीवन एक ही होते हैं। – स्वामी विवेकानंद
इस पुरानी दुनिया से दूर जाना हम लोगों की करतब नहीं है। – एलन वाट्स
वाक्य नहीं, ज्ञान हमें एक अच्छे इंसान बनाता है। – ओशो
मुश्किलें जीवन में होती हैं, तथा उनसे जीता जाता है। – सद्गुरु जग्गी वसुदेव
सभी को प्यार करो, सभी को समझो, सभी के साथ खुश रहो। – योगी आरुणाचल
योग के द्वारा हम आत्मा से जुड़ सकते हैं। – शंकर
आत्मनिर्भर हो जाओ, इससे आपका आशीर्वाद नहीं, बल्कि इससे आप आम जनता के सबसे अच्छे दोस्त बन जाएंगे। – महात्मा गांधी
जान-पहचान से लोगों का दिल जीतना हमारी ताकत है। – लाओ ट्सू
सुख, शांति और समाधान का सच सिर्फ जीवन के अंतर्मन में होता है। – शंकर
आज से बदलाव तुरंत शुरू करो, अगले पीढ़ी के लिए बदलाव चाहिए। – सद्गुरु जग्गी वसुदेव
बात करने से बदलाव नहीं होता, कर्म से होता है। – महात्मा गांधी
दुःख कारण समस्याओं का ही होता है, क्योंकि वे मानसिक होते हैं। – सद्गुरु जग्गी वसुदेव
अंत तो हम सब से मिल करता है, अब तक वक्त न गँवाएं। – ओशो
आसक्ति से मुक्त हो जाओ, तो आप नई दिशा की ओर बढ़ेंगे। – शंकर
दुखी दिल दो समझ दिलाओ। – मदन मोहन मलवीय
जिस कारण से हम पीढ़ी बदलते हैं, वह कारण हम होते हैं। – योगी आरुणाचल
दूसरों के साथ कर्म करने से अत्यंत आनंद और सम्मान मिलता है। – गुरु नानक
अशान्ति और कलह का कारण महान होते हैं। – रबींद्रनाथ टैगोर
अपने पास व्यवस्था करना जीवन का एक महत्वपूर्ण तत्व