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साथी एक बच्चे की दुनिया में पहले साथी माँ होती

Title: साथी

एक बच्चे की दुनिया में पहले साथी माँ होती है। वह अपनी माँ के साथ खेलता, बैठता और उसके साथ रहता है। लेकिन इस संसार में सब अनिश्चित है। एक दिन उस बच्चे की माँ मर गई। बच्चा सिर्फ 6 साल का था। वह बिलकुल अकेला हो गया। वह पानी के ताकत से आगे बढ़ा और एक दिन एक आदमी से मिला।

उस आदमी का नाम अमित था। वह बच्चे से मिलता ही उसको बहुत प्यार करने लगा। अमित ने उस बच्चे को अपने साथ घर में ले जाया। वह बच्चा उसके घर में बहुत खुश था। उसने अमित से बड़ी भावनाएं बता कर उसे बताया कि वह उसे एक शानदार दुनिया में ले जाएगा।

अमित ने वहां एक अच्छी स्कूल में भी अपने नाम का पद बकाया। वह बच्चा शुरुआत में स्कूल जाने में घबराता था। लेकिन धीरे-धीरे उसने स्वयं को कंट्रोल किया और अब वह अपने सभी दोस्तों को स्कूल में जाने का वक्त बताने में फ़ख़्र महसूस करता था।

उसकी जिंदगी बदल गई थी। अमित ने उसे पूरी तरह से अपना बना लिया था। उसकी शिक्षा के साथ उसने उस बच्चे को जीवन के दूसरे पहलू से भी परिचित करवाया।

अमित अपने बच्चे को हमेशा याद दिलाता था कि किसी को भी अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। वह इसके लिए खुद भी बहुत उदाहरण देता था। वह दूसरों की मदद करता था जिसे उसकी आवश्यकता होती थी।

अब उस बच्चे को स्कूल खत्म हो गया था। उसने शानदार मार्क्स लिए थे। अमित ने उसे एक जगह जॉब ढूँढने में मदद की। उसकी मदद से उसने एक अच्छी कंपनी में नौकरी पा ली थी।

अब उसकी जिंदगी में एक और बड़ी बदलाव हुआ था। अमित ने उसके लिए अपनी छुट्टियों के लिए सामान्य घूमने की बजाय उसे अपने साथ जाने के लिए कहा।

वह बच्चा अमित के साथ शिमला में गया था। वहां उन्होंने डाल में स्विमिंग किया, ट्रेकिंग किया, प्लेयरोम में गेम खेला और अनेक नयी मजेदार चीजें की। उसने खुश होते हुए अमित से पूछा, “ये साथ का एहसास क्या होता है?”

अमित ने उसे बताया, “साथी होना एक संसार की महत्वपूर्ण चीज होती है। जो व्यक्ति यह सीख जाता है कि उसका साथी क्या होता है उसकी तक़दीर बदल जाती है। उसे कभी अकेला ज़िन्दगी जीने की ज़रूरत नहीं पड़ती।”

बच्चा उससे सहमत था। उसने याद को बता दिया कि जब उसकी माँ मर गई थी तब वह किसी साथी के बिना अकेला रह गया था। लेकिन अमित के साथ वह खुश हो गया था।

वह जानता था कि उसके साथ एक साथी होता है। शायद यह साथी हो खुदा का गिफ़्ट होता है। मेहनत करनी पड़ती है एक साथी को चुनने के लिए। लेकिन अगर आपने एक अच्छा साथी चुन लिया तो आप अपनी पूरी जिंदगी उसके साथ बिताना चाहते हैं।

बच्चा अमित से एक नयी बात सीख गया था। उसे वह अब अपनी जिंदगी में इस नयी सीख के अनुसार आगे बढ़ना था। अपने साथी को हमेशा खुश रखना था और मदद करना जब उसे ज़रूरत होती है।

यह सुन्दर कहानी हमें यह बताती है कि हमें दूसरों के साथ जुड़ना चाहिए। यह हमें उस साथी की तलाश में जाने के लिए बड़ी मेहनत करनी पड़ती है और जब हम उसे ढूँढ लेते हैं तो हमारी जिंदगी में बहुत सारा संघर्ष खत्म हो जाता है।।

कागा जी

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