Title: एक आशावादी रास्ता
वह सरस्वती घाट पर था, जहां से पूरा शहर साफ़ नज़र आता था। राज हमेशा सोचता था कि उसे अपनी नैतिकता और उद्यमी आदमी बनना है। वह चाहता था कि उसकी फैमिली पर गर्व हो। उसने हमेशा अपने मस्तिष्क को एक आशावादी बोट में बढ़ाया था। उसे पता था कि जाने कितने मुश्किल होंगे, लेकिन वह आशावादी था।
राज के दोस्त बड़े और अमीर थे, जबकि राज छोटे और साधारण परिवार से था। राज जानता था कि लोगों का कहना है कि वे उसे पिछड़ा रहा है, लेकिन वह हमेशा अपने लक्ष्य के पीछे भागता था।
एक दिन, राज अपने दोस्त से मिलने गया। दोस्त उसे बताया कि वह अमेरिका में अपनी नई कंपनी शुरू करने वाला है। राज को इससे बड़ा समाचार कुछ नहीं लगा। उसे लगा कि अब तक के जीवन में वह कुछ नहीं कर सकता था। लेकिन फिर भी उसने अपनी आशाओं को कभी गवारा नहीं किया था।
दोस्त के जाने के बाद, राज उसी घाट पर बैठ कर विचार करता हुआ था। वह जानता था कि उसकी माता-पिता उसे इस समय इस शहर में रहने की अनुमति नहीं देंगे। लेकिन फिर भी उसे लगता था कि उसे उस स्थान पर खड़ा रहना चाहिए।
सुबह होते ही, राज उठा और अमेरिका जाने का निर्णय लिया। वह जानता था कि वह कितना धन गंवाएगा और कितना कठिनाई आएगी, लेकिन फिर भी वह एक आशावादी था।
वह अपने परिवार के साथ बिदाई के बाद हवाई जहाज़ पर सवार हुआ। उसे कुछ भी स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था, लेकिन उसे अपने सपनों को पूरा करने के लिए तत्परता हुई थी।
वह अमेरिका पहुंचा, जहां उसका दोस्त उसे उनके कंपनी से जोड़ा। राज अपनी कंपनी को शुरू करने के लिए धन उठाने में काफी कठिनाई से गुजरा, लेकिन वह फिर भी आशावादी था।
लगभग एक साल बाद, उसकी कंपनी लाभदायक हो गई थी। राज खुश था कि उसने अपने उद्यमिता और मेहनत के बल पर अपना सपना पूरा कर लिया था।
लेकिन फिर भी उसे अपने सपनों को बढ़ाने में सक्रिय रहना था। वह अपनी कंपनी में हमेशा से नवीनतम तकनीकों का उपयोग करता था। वह नए-नए अवसर देखता था और संभव होने पर उन्हें प्रोत्साहित करता था।
कुछ समय बाद राजनीति में युद्ध अंधाधुंध था। राज अपने स्थान पर नहीं रहता था। वह जानता था कि वह अपने देश के नाम से कुछ ना करके पछतावा करेगा। लेकिन फिर भी उसका आशावादी इस बात को स्पष्ट करता था कि उसे अपने देश के लिए कुछ करना चाहिए।
राज ने अपनी कंपनी के साथ संबंधित अपने समय और संसाधनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया और वह आर्मी में शामिल हुआ। उसने उसे अपनी क्षमताओं का उपयोग करने का मौका दिया।
राज को उससे संबंधित नौकरी मिली, जहां उसने इस देश के अनेक लोगों की सहायता की। इस समय वह इस बात का अहसास करता था कि यह उसने अपने सपनों के लिए सभी प्रयास किए थे।
उसने एक नई दिशा में सोचना शुरू किया था, कि उसे संभवतः अपनी स्वयं की कंपनी को बेचकर समाज की मदद करनी चाहिए। उसे पता था कि इससे उसके माता-पिता को ठीक नहीं लगेगा, लेकिन फिर भी उसकी निर्णयक शक्ति तय थी।
ऐसे ही अगले सप्ताह राज ने अपनी कंपनी को बेचा और उससे मिली धन को अमेरिकी मुख्यालय से इसमें शामिल देशों के लोगों के लिए सामाजिक एवं अध्ययन की योग्यता के लिए चलाने का निर्णय लिया।
जैसे जैसे वह वृद्धि करता था, उसने सोचा कि क्या यह संभव है कि वह अपना कार्य कुछ लोगों के साथ बाँट दे? उसने एक संगठन का निर्माण किया, जो सामाजिक संघर्षों के लिए लड़ता था। अपने प्रयासों की गति सफलता से बेहतर हुई।
आज राज के पास एक समुदाय संगठन है, जो दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। वह देश के अनुसंधान एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उसका सपना हमेशा से था कि वह अपने कर्तव्यों को पूरा करेगा और उसने उसे पूरा कर लिया।
इस कहानी का सन्देश है, आप हमेशा अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। आपका उद्यमिता एवं कठिनाई में कामयाबी के लिए आपकी आशावादी आवश्यक होती है।