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टूटे हुए रिश्तों की उम्मीद

टूटे हुए रिश्तों की उम्मीद

श्रेया एक दिल की फिल्मवाली थी। उसके पास ढेर सारे अच्छे दोस्त, पसंदीदा चीजों, एक प्यार करने वाला बॉयफ्रेंड, अपने परिवार का प्यार आदि सब कुछ था। शायद इसीलिए वह हमेशा मुस्कुराती रहती थी। लेकिन अचानक उसकी जिंदगी के सभी सपने टूट जाते हैं। एक रात उसके बॉयफ्रेंड ने उससे रिश्ते टूट जाने की बात कर दी। श्रेया का दिल कुछ ऐसे टूट गया जैसे कोई नौ बजे संगीत बंद कर दे।

श्रेया को कुछ याद नहीं रहता था कि उसके बॉयफ्रेंड ने वही पुरानी बात दोहराई थी जो भारत में हर दूसरे ब्रेकअप के वजह बनती है। “तुम्हें कुछ समझ में नहीं आता। मेरा कल्चर और तुम्हारा नहीं मिलता। मुझे लड़कियां पसंद हैं जो इतने बोलते नहीं हैं, तुम गुस्से में बोहोत ज़्यादा बोलती हो। क्या मैं ज़्यादा उच्च समाज का नहीं हूँ कि मुझे उच्छ संस्कार वाली लड़की चाहिए।”

श्रेया के साथ ये जो हुआ, यह लेकिन पहले भी हुआ था। लेकिन एक बार वह इस समस्या से निपटी। उसने सोचा कि वह दिन श्रेया के जिंदगी में एक बदलाव ला सकता है। वह उसे अपने दोस्त सौम्या से मिलवाना चाहता था।

श्रेया को पता था कि सौम्या एक सकारात्मक और आशावादी लड़की है जिसका अपना उन्नत बिजनेस है। सौम्या उस लिए जानी जाती थी कि वह उन्नति और सफलता की धन्यवादी जीवनशैली से लेकर आगे बढ़ सकती है।

श्रेया सौम्या से मिली और बताया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप किया है और जो दिन वह उलझन में थी, उसके बॉयफ्रेंड की मेनियाकल शिखर तक पहुंच गई। लेकिन साथ ही उसे भी यह पता चला कि सौम्या हिम्मतवाली लड़की है।

सौम्या ने श्रेया को उसकी जिंदगी में रूट कोड़ने की सलाह दी। “जब मेरे हाथ डॉक्टर ने पहली बार की थी, तो वह मुझे बताते थे कि उनके दबाव में कम से कम बार किसी के साथ सही बातचीत करें। तो, यह तोहफा आज भी मुझे याद है और मैं बहुत सुखी हूँ कि मैं परिवार के साथ धीरज बनाए रख सकती हूँ।” यह सुझाव सुनकर, श्रेया के मन में एक आशा की किरण जगी।

“एक नए आरंभ की उम्मीद तो मैं कर सकती हूँ,” श्रेया ने सौम्या से कहा।

“हाँ, श्रेया। एक चीज़ हमेशा ध्यान देने वाली होती है, जब जीवन तुम्हारी तरफ से सीधी रूप से नहीं रेखांकित होता है, तो दुनिया की हर खुशी और सुख मिलता है कि कैसे तुम उस समस्या हल करते हो।”

यह बातें सौम्या ने श्रेया से साझा कीं, इससे श्रेया के डर के अन्दर, उसे खुशी की उम्मीद थी। यह उसे बताता था कि जब छोटे कदम बड़े झटकों के लिए काम नहीं आते हैं तो इस हस्ती-दौड़ी जिंदगी में समस्याओं को धीमे से धीमे समझें और उनके सामने अपनी उदारता और सुखद आँखों से खड़ी रहें।

श्रेया सौम्या के उस सुझाव को काम में लेकर अपनी जानकारी और संस्कार में थोड़ा सुधार करने लगी। उसने अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव कर के उद्देश्यको खत्म होने तक थोड़े-थोड़े सोचकर करने शुरू कर दिए। श्रेया ने अपने परिवार के साथ भी दूरी पैदा की थी इसके बावजूद वह उससे रूबरू होने का प्रयास करती रही। और एक दिन, अपने छोटे से कदम से, वह अपने परिवार के दुखों को मिटाने के लिए चलने लगी। वह परिवार के साथ अपनी हर जरूरत पूरी करती थी, थक जाती थी, परन्तु कभी हार नहीं मानती थी।

वह अपने शहर में एक नई फिल्म लाने के लिए जॉन से मिलने गई थी। जॉन मुख्यतः फिल्म के संवीदक हैं जो आसानी से उसे दिलचस्पी पैदा करते थे। उन्होंने सुना कि श्रेया अपनी फिल्म के लिए एक प्रतिभावान रचनाकार है और उसे एक बैज चाहिए। जॉन श्रेया को मिलने के लिए उसकी समीक्षा के बारे में सोच कर बैज लाने के लिए गहरे विचार में थे। अन्ततः, उसे फिल्म में मुख्य रोल के लिए चुना गया।

इस तरह, श्रेया अपने पूरे अस्तित्व को खत्म होने से बचाने में सफल रही। वह सुखी थी और उसकी आत्मविश्वास की आग फिर जलाई गई थी। जैसे-जैसे श्रेया अपने बढ़ते आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती थी, वह अपने एक्स-बॉयफ्रेंड से कुछ नई समझाती थी। उसने उससे साफ कहा कि उस परिवार का हिस्सा होने के बाद, उसे अब एक नई सोच जैसी अपनानी होगी जिसमें उसे दूसरों की समझ और उनके कठिनाईयों के साथ काम करना होगा।

श्रेया की कहानी बताती है कि जिंदगी की कभी बातें अपनी जगह चलती रहती हैं, इसीलिए सफलता का सफर लंबा होता है। उसकी कहानी के ज़रिए, वह हमेशा याद दिलाती है कि सुख-दुख सबका हिस्सा होता है और सफलता के सफर में तुम जब हार मानते हो, तभी तुम दोबारा से उठ सकते हो।

शायद वह बहुत बड़े मुकाम पर नहीं पहुंची, लेकिन उसने अपनी ज़िंदगी में नए प्रयासों और नए आरंभ की उम्मीद जगाई थी। श्रेया ने सिखाया कि सफलता की देशना तुम्हारे तक जाने के लिए तुम्हें काम करना होगा।

कागा जी

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