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एक बेसब्र इंतजार

Story Title: एक बेसब्र इंतजार

श्याम रंग का डेकोरेटेड रूम उस परिवार को सुंदरता का दिखावा करता था, जो उसमें रहता था। पर, रूम का नजारा उसके अंदर से कभी बदलता नहीं था। ऐसा क्यों, आपको पता है? क्योंकि उस परिवार में अविवाहित एक लड़की रहती थी, जिसके लिए उसके माता-पिता ने कोई बहाना नहीं निकाला था।

उस लड़की का नाम अनोखा था। वो सुन्दर सी लड़की थी, पर बहुत बेसब्र थी। उसकी ख्वाहिश थी कि कोई उसे प्यार करे और शादी के बंधन में बांध ले। पर उसे कोई मिल नहीं रहा था। दोस्त तो बहुत बना लेती थी, पर वह सब दिल चाहता था।

अनोखा ने इस तरह के जीवन को जीते हुए, कई बार अपनी मुश्किलों से लड़ाई। लेकिन जब तक उसे उसका प्यार नहीं मिलता होता उसकी आंखों में एक बेसब्र इंतजार था। उसे पता था कि सुधार किसी की नहीं होता, बल्कि आपको खुद की मदद करनी होती है।

इसी उम्मीद में वह एक बार एक शहर में गई और वहां अपने पुराने दोस्त के साथ रहने लगी। वह कई सुनहरी यादें बनाती हुई महसूस कर रही थी। एक दिन, एक अजनबी उसे पसंद आ गया। वह पूछते-पूछते जोरों से हंसती हुई उसने उस आदमी से प्यार करना शुरू कर दिया।

दोनों एक-दूसरे के साथ समय बिताने लगे और एक दूसरे का सहारा बनने लगे। उसका प्यार उसे एक नयी जिंदगी की शुरुआत दहेज़ और संभावित शादी से आगे आगे ले जाने लगा। पर इस बीच उसने अपनी पहचान खो दी। वह शायद दोनों दुनियों में सफल हो गयी थी, लेकिन उसकी पहचान रह गयी गुम।

उसने अपनी परेशानियों का कहीं न सही एक मार्ग ढूंढ निकाला। वह जीती रही और लड़ी रही। इस दौरान वहने के लिए परिणाम निकाल हुए और उसे एक सराहनीय पद मिल गया। उसके बाद उसने अपनी उछलने देना शुरू किया और सुखी हो गयी।

उसकी शादी भी एक खुशनुमा अंदाज में हुई। उसके लिए फिर से जीवन भर का सैलाब आरंभ हुआ। उसका सफलता के कुछ क्षणों पर उसके दोस्त ने उसका मज़ाक उड़ाया, कि “तुम अब कौन हो?”

उसने मुस्कुराकर उत्तर दिया, “मैं अपनी पहचान हूँ।”

वह सब सफलता के लिए दोस्तों और परिवार के सथी से शुक्रिया व्यक्त नहीं करती थी, बल्कि स्वयं को धन्यवाद दिया करती थी। उसने सीखा कि आपकी पहचान आपके भितर की अजनबी की खोज करने जैसा कुछ होता है। इसलिए आपको सफलता के लिए आपके भीतर की पहचान के साथ समझौता करना चाहिए।

इसी तरह अनोखा सफलताओं को पाकर अपनी पहचान को फिर से ढूंढना भूल गयी। वह सब अपने साथ ले कर, संगीत, नृत्य और अविरल खुशहाली के साथ जीती रही। इंतजार करना अब उसके लिए संभव नहीं था क्योंकि उसने पहले से ही अपनी ख्वाहिश पूरी कर ली थी।

कागा जी

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