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दोस्ती का थप्पड़

Title: दोस्ती का थप्पड़

कर्तिक और अनुषा बचपन से ही दोस्त थे। वे पढ़ाई के साथ-साथ ही साथी भी थे। जब दोनों कक्षा 8 में पढ़ रहे थे, तब उनमें तकनीकी अंतर्कलन पढ़ाई जाती थी। कर्तिक इसमें बेहद महिर था और उसने दूसरों को शिक्षा देना शुरू कर दिया।

उसके बाद से उस पर एक अभिभावक ने वहाँ नौकरी करने के लिए सामान्य अनुसूची को बदला और कर्तिक को सुपर सोल्वर नाम से पुकारा। वो कम से कम मौके पर गया नहीं था। उसका अंतिम लक्ष्य उसे सिविल सेवा की कड़ी में ले जाना था।

कर्तिक अब अपने दोस्त से ऊपर हो गया था और उसे सक्षम जाना गया था। इसके में अनुषा समझती और समर्थन करती थी। वह भावनात्मक नहीं थी, लेकिन उसे कैसे दिखाएं यह जानती थी।

कुछ समय बाद, अनुषा समाज के एक फैशन शो में खुशबू बोतल के रूप में रूमटेक करने के लिए बेशक बढ़ती थी। वह अपने मॉडल जूते और बेल्ट के साथ चमकदार बनती थी। यह उसके नई पसंद थी। इस नए अफसोस के बीच, कर्तिक उसी कक्षा में स्टार तकनीकी अंतर्कलन बन गया था और लोग उसे हर प्रकार से सलाम करते थे।

दोस्ती में एक संतुलन होना चाहिए, लेकिन अब संतुलन टूटने लगा था। कर्तिक ज्यादा गर्व और स्वाभिमान बना लिए थे और उन्होंने ज़ायके में लोगों को हिम्मत की प्रोत्साहना देना शुरू कर दिया। इसी बीच अनुषा, जो कभी उसकी दोस्त थी, अब नजर नहीं आती।

एक दिन, कर्तिक कमरे में बैठा था जब अनुषा उसके सामने आई। उसे चिढ़ाते हुए वह खुश और साथ ही कुछ गलती से अपना थप्पड़ कर दिया। दोस्ती के तहत, उन्होंने शांति बनाई, लेकिन कर्तिक गर्व प्रदर्शित करना नहीं चाहता था। वह अपनी क्षमता को समझ गया था, लेकिन जब उसे अनुषा की उंगली तक की गतिविधि याद आती है, उस पर बड़ी मिशनलेन एवं बिना किसी शर्त के समझौता करता है। वह सोचता था कि मैं अपनी दोस्ती से बड़ा नहीं हूं और उसे किसी भी हाल में हानि नहीं पहुंचाना चाहता था।

यह दोस्ती कभी छूटने वाली नहीं है। कर्तिक और अनुषा, अब घटनाओं के साथ-साथ आनंद की भावना भी शेयर करते थे। वे अपने हमसफ़रों की व्याख्या करने के लिए हमेशा बागों में जाते और एक दूसरे की ऊँचाइयों पर शांतिपूर्ण परिणाम प्राप्त करते थे। यह सबसे बढ़िया तरीका है उन लोगों के लिए जो समझते हैं दोस्ती का महत्व।

कागा जी

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