एक शांत मौसम में अपरिहार्य प्रश्न
सोनू एक खुस हो जने वाला लड़का था जो कभी खुश था तो कभी उदास। उसकी जिन्दगी के फैसले जरुरी होते थे, मगर सोनू अक्सर सही फैसला नहीं ले पाता था। वह अपने अंदर का संघर्ष बार-बार जीत नहीं पाता था।
एक दिन, सोनू को महसूस हुआ कि वह एक अपरिहार्य प्रश्न से जूझ रहा है। उसने अपने सभी दोस्तों से सलाह ली मगर फिर भी वह सही फैसला नहीं ले पा रहा था। फिर एक दिन, उसे एक लड़के से मिला जिसने उसे एक हल बताया।
वह लड़का बताता था कि सबसे पहले वह अपनी समस्या को अच्छी तरह से समझे, फिर उसे कमजोर न करने के लिए कुछ देर के लिए अपने आप से बात करें। फिर समय के साथ साथ उसे एक समाधान दिखाई देगा।
सोनू ने इस सलाह को माना और उसने उस शांत मौसम में एक चुपचाप अकेले जगह ढूंढ ली। वहाँ उसने अपने दिमाग को शांत और सकारात्मक बनाने की कोशिश की। वह यह सोचता था कि जो भी फैसला वह लेगा, वह अच्छा होगा।
कुछ देरों के बाद, सोनू को एक अच्छा समाधान मिला। वह ये सोचता था कि उस दिमाग को सेट करने के लिए कुछ समय देना जरूरी था था लेकिन जब वह गलत फैसला लेता था, तो अधिक सोचने से बेहतर था कि वह सीधे समाधान के साथ आगे बढ़ता। इसलिए, वह निर्णय लिया कि उसे अपने दिमाग को तैयार रखना चाहिए ताकि उसे सही फैसला लेने में आसानी हो।
उस दिन से आज तक, सोनू ने उस लड़के के द्वारा बताए गए समाधान का उपयोग किया है और उसे आज तक अच्छे फैसले लेने में मदद मिलती है। सोनू अब अपने आप में निश्चित रूप से विश्वास करता है और उसकी जिंदगी में आने वाले हर अपरिहार्य प्रश्न को समाधान करने में सक्षम है।