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Story एक अनोखी मित्रता एक छोटे से गांव में एक

Story Title: एक अनोखी मित्रता

एक छोटे से गांव में एक नन्हा सा लड़का रहता था जिसका नाम नितिन था। वह बचपन से ही एक अनोखी मित्रता के साथ जीता था जो उसकी नन्ही सी बकरी थी। बचपन से ही नितिन और उसकी बकरी एक दूसरे के साथ इतनी जड़ से जुड़ गए कि कभी एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते थे। नितिन उसे पालतू जानवर के तौर पर देखता था जिसे वह खुशी से दूध और घास खिलाता था। बकरी भी उससे बेशकीमती चीजें खाती थी लेकिन उनकी मित्रता किसी कीमत पर नहीं बिकती थी। नितिन के साथ बकरी की खुशी कम थी।

एक दिन नितिन ने अपनी बकरी के साथ बाघ की तलाश में जंगल जाना तय किया। जंगल में उन्हें कई प्राणी दिखाई दिए। बच्चे का जीवन में जब दिन पानी पीने का छूआ, तब नितिन ने बकरी के साथ ठहर कर पानी का मजा लेना शुरू किया।

उसी समय वहां बाघ आ गया जो लगभग एक मीटर की दूरी पर था। नितिन डर के मारे हाथ मुरझा गए थे। बकरी भी खड़ी हो गयी थी। जानवर की आँखों में नितिन के नीचे से हिलते पानी का झलक दिखाई दे रहा था। तभी बाघ एक दम से भागने लगा। नितिन के हाथों में बकरी की पीठ पर से गिरेगी के साथ बकरी लोगों की ओर भागने लगी। जंगल के घने जंगलों में भागते हुए बकरी और नितिन कुदरत के साथ जंगल में खो गए।

मां अपने बेटे की खोज के लिए जंगल में निकल पड़ी। उसे पता था कि उसके बेटे को उसकी बकरी के बिना रहने की संभावना बहुत कम है। जंगल में वह नितिन की टांग गयी लेकिन वह नहीं मिला। समय बीतता गया और उसे वापस अपने गांव में लौटना पड़ा।

अगले दिन उसने अपने गाँव के अन्य लोगों से मदद मांगी। मेरी बेटी खो गई है उसने कहा। उसके अनुरोध के बाद, गांव के अन्य लोगों ने भी मदद करने के लिए उसको जंगल जाने के लिए तैयार किया।

जंगल की तलाश में लोगों ने नितिन के पुराने खेतों तक पहुंच कर जांच की। उन्होंने नितिन की बकरी के बारे में बताया और उसे ढूंढने की कोशिश की।

उन्होंने कुछ समय के बाद नितिन और उसकी बकरी ढूँढ ली। बकरी नितिन के साथ थी और आराम से झोंपड़ियों के बीच रह रही थी। नितिन ने उसे देखते ही दोबारा खड़ा हो गया।

“देखो मेरी बकरी मेरे पास है!” उसने कहा। वह चंद सेकेंडों की खुशी में था जो उसे उसे अब तक नहीं मिली थी। उसने अपनी बकर को गले लगा लिया।

उसी समय एक हेलीकॉप्टर दौड़ता हुआ उन्हें ढूंढ लिया था।

घोड़े और राह छोड़कर वे 1 या 2 मील का सफर पैदल यात्रा की तरह वापस गांव की तरह लौट आए।

जब नितिन अपने घर लौटा, तो उसकी मां खुशी से रोने लगी। वह अपने बेटे के आने की प्रतीक्षा में स्कूल में नहीं गई थी।

हमेशा नितिन और उसकी बकरी की मित्रता एक अनोखे दोस्ती की तरह थी। नितिन बड़ा हो गया है, लेकिन उसकी बकरी उसे अभी भी पालतू जानवर के रूप में देखती है। उसे बचपन से अपनाया एक आदत, कभी पानी नहीं पीना बिना अपनी बकरी को साथ लाया जाना।

इस तरह से उस मनोरंजक रोमांटिक घटना के बाद से, उनके सभी शिक्षाप्रद यात्राएँ हमेशा बकरी के साथ होती हैं। नितिन और उसकी बकरी की मित्रता हमेशा दोस्ती की बेहतरीन मिसाल रहेगी।

कागा जी

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