WhatsApp University का नया दीक्षांत समारोह: जब ‘नासा’ ने भी वायरल दावों के आगे घुटने टेक दिए!

अगर आपने सुबह-सुबह अपने पारिवारिक व्हाट्सएप ग्रुप में यह ज्ञानवर्धक मैसेज नहीं पढ़ा कि “नासा ने माना है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से शरीर की वाइब्रेशन 5G से भी तेज़ हो जाती है”, तो यकीन मानिए, आपकी सुबह अधूरी है। स्वागत है ‘काक-वाणी’ के विशेष स्तंभ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में, जहाँ रोज़ ज्ञान की ऐसी नदियाँ बहती हैं, जिन्हें देखकर खुद अरस्तू और आइंस्टीन भी अपनी कब्र में सिर पकड़ लें!

नासा और यूनेस्को: व्हाट्सएप के मानद कुलपति

आजकल दुनिया की सबसे बड़ी वैज्ञानिक संस्था ‘नासा’ का आधा समय अंतरिक्ष अनुसंधान में नहीं, बल्कि भारतीय व्हाट्सएप मैसेज की पुष्टि करने में बीतता है। क्या आपको मालूम है कि यूनेस्को ने भारत के हर त्योहार को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ त्योहार’ घोषित कर दिया है? और क्या आप जानते हैं कि चंद्रग्रहण के समय पराठा खाने से राहु-केतु सीधे आपके पेट में प्रवेश कर जाते हैं? अगर नहीं मालूम, तो तुरंत 11 लोगों को यह पोस्ट फॉरवर्ड करें, वरना अगले तीन दिन तक आपके मोबाइल का चार्जर काम नहीं करेगा। कड़वी सच्चाई यह है कि नासा और यूनेस्को को खुद नहीं पता होता कि उन्होंने व्हाट्सएप पर कब कौन सा नया अवॉर्ड बाँट दिया है!

विज्ञान की बलि चढ़ाते घरेलू नुस्खे

इस यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर इतने महा-ज्ञानी हैं कि वे एक ही मैसेज में लहसुन, लौंग और मोबाइल की टॉर्च से हार्ट अटैक का शर्तिया इलाज कर देते हैं। “रातों-रात 5 किलो वजन घटाएं, बस प्याज का रस कान में डालकर सो जाएं!” जैसे दावों की असलियत यह है कि वजन तो नहीं घटता, लेकिन हाँ, आपके कमरे से प्याज की तेज़ बदबू ज़रूर आने लगती है। यहाँ मेडिकल साइंस की बड़ी-बड़ी रिसर्च को एक ‘फॉरवर्डेड ऐज़ रिसीव्ड’ के ठप्पे से ख़ारिज कर दिया जाता है।

फॉरवर्ड बटन का ‘धर्म संकट’

व्हाट्सएप के इन वायरल दावों की सबसे बड़ी ताकत इनकी इमोशनल ब्लैकमेलिंग तकनीक है। मैसेज के अंत में लिखा होगा— “इसे रोकने वाला महापापी होगा” या “अगर 10 ग्रुपों में नहीं भेजा तो आज रात बिल्ली आपका दूध पी जाएगी।” बेचारा आम नागरिक अपनी फूटी किस्मत के डर से उस बकवास को पूरे खानदान में बाँट देता है।

कड़वी सच्चाई और निष्कर्ष

इन वायरल दावों की

कागा जी