अमेरिका में बजा अनुपम खेर का डंका! ओहियो स्टेट ने दिया भारतीय सिनेमा के इस ‘दिग्गज’ को खास सम्मान

बॉलीवुड के कुछ सितारे ऐसे होते हैं जिनकी चमक सरहदों की मोहताज नहीं होती। अब अपने अनुपम खेर को ही देख लीजिए! शिमला की तंग गलियों से निकलकर मुंबई की मायानगरी में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले अनुपम बाबू ने अब सात समंदर पार अमेरिका में भी अपना परचम लहरा दिया है। जी हां, खबर बिल्कुल पक्की है और ‘काक-वाणी’ की पैनी नजर से यह बड़ी अपडेट भला कैसे छुप सकती थी! हाल ही में अमेरिका के ओहियो स्टेट ने इस भारतीय सिनेमा आइकॉन को एक बेहद खास और ऐतिहासिक सम्मान से नवाजा है।

ओहियो स्टेट असेंबली ने अनुपम खेर को क्यों सराहा?

दरअसल, अनुपम खेर इन दिनों अमेरिका के विभिन्न शहरों में अपने टॉक शो, थिएटर प्ले और मोटिवेशनल स्पीच के जरिए लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। उनकी इसी कला, समाज सेवा और वैश्विक सिनेमा में उनके अद्भुत योगदान को देखते हुए ओहियो स्टेट सेनेट ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया। यह सम्मान केवल अनुपम खेर के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत और हिंदी सिनेमा के गौरवशाली इतिहास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। खुद अनुपम खेर ने इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा की हैं। वैसे भी, अनुपम जी की नेचुरल एक्टिंग के सामने तो हॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज भी घुटने टेकते नजर आते हैं!

हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक, अनुपम का ‘वैश्विक’ जलवा

यह कोई पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने अनुपम खेर को इस तरह पलकों पर बिठाया है। इससे पहले भी वे ‘सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक’ जैसी ऑस्कर नामांकित फिल्म और लोकप्रिय अमेरिकी ड्रामा सीरीज ‘न्यू एम्स्टर्डम’ में डॉक्टर कूपर के किरदार से विदेशी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। अनुपम खेर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे जितने सहज भारतीय फिल्मों में एक कड़क पिता या विलेन के रोल में दिखते हैं, उतने ही प्रभावशाली वे विदेशी प्रोजेक्ट्स में भी नजर आते हैं। उनकी इसी वर्सिटैलिटी का लोहा अब ओहियो ने भी माना है।

‘काक-वाणी’ का नजरिया: बूढ़ा होगा तेरा बाप, अनुपम तो अभी भी जवान हैं!

उम्र के इस पड़ाव पर भी अनुपम खेर की ऊर्जा देखकर तो आज के नए-नवेले एक्टर्स को भी पसीना आ जाए। सोशल मीडिया पर उनकी मजेदार रील्स, फिटनेस वीडियो और उनका बेबाक अंदाज हमेशा इंटरनेट का पारा बढ़ाए रखता है। अमेरिका का यह सम्मान इस बात का सबूत है कि जब बात अभिनय और जिंदादिली की आती है, तो उम्र का दायरा बेहद छोटा पड़ जाता है। अनुपम जी, आपको ‘काक-वाणी’ की तरफ से ढेर सारी बधाई! ऐसे ही तिरंगे का मान बढ़ाते रहिए और हमें मनोरंजन की दुनिया से चटपटी खबरें देते रहिए।


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कागा जी