क्या सूर्या ही बचे हैं साउथ के इकलौते ‘पारिवारिक’ स्टार? ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ का बड़ा दावा!

आजकल साउथ सिनेमा का नाम लेते ही दिमाग में क्या आता है? बड़ी-बड़ी बंदूकें, हवा में उड़ती गाड़ियां, खूंखार विलेन और स्क्रीन पर बहता हुआ ढेर सारा खून! रॉकी भाई से लेकर पुष्पा राज और सालार तक, हर बड़ा स्टार पर्दे पर सिर्फ मारधाड़ और तबाही मचाने में व्यस्त है। लेकिन इस ‘वायलेंस’ के दौर में भी एक ऐसा सुपरस्टार है, जो आज भी अपने सिनेमा से पूरे परिवार को एक साथ थिएटर तक खींचने का दम रखता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं वर्सटाइल एक्टर Suriya (सूर्या) की। हाल ही में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने सूर्या को लेकर एक बहुत बड़ी बात कही है, जो फिल्म गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

साउथ सिनेमा में मारधाड़ का बोलबाला, लेकिन सूर्या हैं सबसे जुदा!

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, Suriya शायद साउथ के इकलौते ऐसे बड़े स्टार बचे हैं जो आज भी दिल से एक सच्ची ‘फैमिली फिल्म’ बना सकते हैं और उस पर खरे उतर सकते हैं। आज के समय में जहां अधिकांश बड़े सितारे सिर्फ ‘मास-मसाला’ और डार्क थ्रिलर फिल्मों के चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं, वहीं सूर्या ने अपनी फिल्मों में हमेशा पारिवारिक मूल्यों, संवेदनाओं और साफ-सुथरे मनोरंजन को जिंदा रखा है। उनकी फिल्मों में केवल एक्शन नहीं होता, बल्कि एक ऐसा मजबूत इमोशनल कनेक्ट होता है जिसे घर के बुजुर्ग और बच्चे साथ बैठकर आराम से देख सकते हैं।

क्यों सूर्या की फिल्मों में दिखता है ‘सच्चा पारिवारिक’ कनेक्शन?

अगर हम सूर्या के करियर ग्राफ पर नजर डालें, तो उन्होंने कभी भी खुद को एक ही इमेज में कैद नहीं किया। ‘सिल्लुनु ओरु काधल’ का रोमांटिक अंदाज हो, ‘जय भीम’ जैसी गंभीर सामाजिक फिल्म हो या फिर ‘सूररई पोट्रु’ जैसी प्रेरणादायक कहानी, सूर्या की हर फिल्म में एक मजबूत पारिवारिक ताना-बाना जरूर होता है। काक-वाणी के गलियारों में चर्चा है कि सूर्या जब स्क्रीन पर आते हैं, तो दर्शकों को उनमें अपने घर का कोई सदस्य नजर आता है। वह स्क्रीन पर जबरन की मर्दानगी (Toxic Masculinity) दिखाने के बजाय भावनाओं और रिश्तों को तरजीह देते हैं।

क्या ‘कंगुवा’ में भी दिखेगा वही पारिवारिक इमोशन?

फिलहाल, पूरी दुनिया सूर्या की मेगा-बजट फिल्म ‘कंगुवा’ का बेसब्री से इंतजार कर रही है। हालांकि यह एक बड़े स्तर की पीरियड-एक्शन फिल्म है, लेकिन फैंस को पूरी उम्मीद है कि सूर्या की इस फिल्म में भी भावनाओं का वही समंदर देखने को मिलेगा जो हमेशा से उनकी फिल्मों की पहचान रहा है। जब पूरी इंडस्ट्री सिर्फ खून-खराबे और ‘लार्जर देन लाइफ’ एक्शन के पीछे भाग रही है, ऐसे में सूर्या का इस साफ-सुथरे पारिवारिक सिनेमा के जॉनर को बचाए रखना सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद अहसास है।


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कागा जी