जंगली जानवरों का राजा
एक जंगल में एक सिंह राजा रहता था जो जंगल के मुख्य जानवर था। उसकी ताकत, बल और शक्ति के बारे में वे लोगों में कहानियां सुनते थे जो उसके क्रोध के सामने कभी आसानी से झुकते नहीं थे।
एक दिन सिंह राजा अपनी जंगल में घूम रहा था जब उसे एक पत्थर मिला। जब उसने उस पत्थर को झाड़ियों से हटाया तो उसके सामने खुल गई एक गुफा थी। सिंह राजा पहले देर तक उसे लगा कि यह गुफा बिल्कुल खाली है, लेकिन फिर अचानक से वहां कुछ झूंड़ नजर आएं जो उसको देखते हुए अचंभित हो गए।
वहां गए तो वे देखा कि गुफा में अनेक जानवर पाए जाते हैं। वहां एक बकरी बेहोश पड़ी थी और अन्य जानवर उसे छोड़ कर भाग गए थे। सिंह राजा बड़ी विचारशीलता से वहां गए और उस बकरी को देखते हुए उसका इलाज करने के लिए उसे अपनी जंगल में ले गए।
उस बकरी को लेकर जब वह अपने घर की और जाने लगा तो कुछ जंगल के लोगों ने उसको देख लिया। उन्होंने उसे पहचान लिया और जल्दी से जंगल के सभी जानवरों को बता दिया कि सिंह राजा सिंह राजा अपनी जंगल से कुछ लेकर लौट रहे हैं।
फिर कुछ जानवर उस सिंह राजा की खुफिया जिज्ञासा पूरी करने के लिए निकल पड़े। वे सिंह राजा के जोरों को देख कर अचंभित हुए और उन्हें प्रणाम किया।
सिंह राजा उन सभी जानवरों के साथ सम्मेलन करने बैठ गए और आवाज उठाकर बोले, “मेरे प्यारे जानवरों, मैं जानता हूं कि आप सभी मेरी ताकत के बारे में सुनते आए होंगे, लेकिन मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि एक सच्चा राजा अपनी ताकत में नहीं बल्कि अपने शीशे में होता है।”
उसके बाद सिंह राजा बहुत बड़ी बातें बताया जिससे उन सभी जानवरों को अधिक शिक्षा मिली और वे उसका समर्थन करने लगे।
उसके बाद सिंह राजा ने अपनी जंगल में कुछ सुधार किए और सभी जानवरों को बचाने के लिए जंगल में आग न लगा सकने की डायरी बनाई। वह बचाने के लिए उन्हें इंसानों से लड़ना और एकता की महत्व बताना चाहता था।
इस तरह सिंह राजा जंगल में खुश रहता था। उसका प्रभाव इतना महत्वपूर्ण हो गया था कि अंत में उसे जंगल के जानवरों का राजा बताया जाने लगा।
वह सिंह राजा माना जाने लगा और सभी जानवर उसे जंगल के राजा के रूप में स्वीकार करने लगे। वह अपनी ताकत, शक्ति और बल के बारे में नहीं सोचता था, वह अपनी सोच की खुशी से जंगल के सभी जानवरों के लिए एक बेहतर जगह बनाने में लगा रहता था।
इस तरह सिंह राजा जंगल में अपनी जंगली उसैनी के साथ खुश रहता था। उसके विचारों को सभी जानवर अपनाने लगे और वह सभी जानवरों के राजा के रूप में स्वीकार किया जाने लगा।