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दुश्मन की दोस्ती एक छोटे से गांव में रहनेवाले बच्चों की

दुश्मन की दोस्ती

एक छोटे से गांव में रहनेवाले बच्चों की एक गिरफ्तारी काफी सनसनी मचा देती है। गांव के चहेते इंसानों में से शामिल एक बबलू नाम का बच्चा तलब के ऊपर उठ कर एक सुनहरे मौके का सही उपयोग करता हुआ दुश्मन समझे जाने वाले छात्र सीट कांफ्रेंस में गिरफ्तार होने से बच जाता है। अब बबलू की सोच में यह आता है कि वह उन लोगों का कर्तव्य मानते हुए उसमें माफी मांगनी होगी जिनसे वह सेट के बाहर हाथ मिलाया है।

हालांकि, बबलू जानता नहीं है कि उसकी माफी बात किस कहानी में मिलेगी। यह समूह में एक लड़की, मेघा नाम की होती है जो बबलू से बहुत ही बुरे संबंध रखती है। बबलू को उसकी नैतिकता और व्यवहार के साथ संबंध पैदा करने का वह उपयोग करती है, जिसका उपयोग वह बबलू की सहायता करने के लिए करती है।

एक दिन, जब बबलू ने सुबह स्कूल जाने के लिए अपने घर से निकलने की कोशिश की, मेघा ने उसे ईद के दिन खेलने के लिए बुलाया। लड़कों की एक अनोखेसे खेल खेली जाती है, जिसे “लुप्त हुआ एक बतख” कहा जाता है। इस खेल में बबलू का रोल होता है बतख का। मेघा उसे बताती है और उसे बताती है कि वह सभी बच्चों के परिवार को पता लगाकर सबका बतख खोजेगी। परेशान होते हुए, बबलू इस काम के लिए मेघा को सहायता देता है।

इस खेल के दौरान, बबलू सुनता है कि मेघा बहुत कुछ किया है जिसके लिए वह उससे दूर रहना चाहता है। लेकिन परीक्षण के बाद बबलू यह समझता है कि मेघा पूरी तरह से नरम है जिसका मतलब है कि उसकी कुछ लम्बे समय तक शत्रुता से निगरानी करने की आवश्यकता नहीं है।

मेघा को सहायता करने से बबलू के संसार में एक बदलाव आता है। वह मेघा के साथ दोस्त बन जाता है और उसका दोस्त बनता है। बबलू सभी दोस्तों के साथ खुश होता है और वह दोस्ती का आनंद लेता है जो जीवन में अपनी अलग सही महत्वता रखता है।

एक दिन, मेघा की माँ ने उससे पूछा कि “तुम्हें यह बताओ, तुम बबलू वह लड़का हो जिसने अभी हाल ही में गिरफ्तार होने से बचाया था?” इस प्रश्न के सामने, मेघा स्पष्ट नहीं थी कि वह क्या उत्तर दे। वह चुप रहती है और सोचती है कि वह अपने मित्रता की विशेषता से उनकी जानकारी को खतरे में नहीं डालना चाहती है।

मेघा के माता-पिता को बबलू की सहायता के बारे में जान कर खुश होते हुए, उन्होंने संज्ञान में लिया कि उन लोगों ने जो उसे नहीं गिरफ्तार कर पाए, उनमें से एक व्यक्ति भी के मृत्यु होने वाली है। उनके बच्चों को समस्याओं को समझाने और समझाने की आवश्यकता होती है और बबलू जैसे लोग उन्हें यह सबक सिखाने का सहारा बनते हैं।

मेघा के माता-पिता ने उसे उत्तर देते हुए कहा, “बबलू से मित्रता करना बेहतर हो सकता है। वह तुम्हें बताएगा कि जिस तरीके से उसने उस संगठन से संघर्ष किया वह उस देश की सेवा कर रहा है।”

मेघा अब बबलू के समय का आर्थिक अधिकार लेता है और वह उसे एक दोस्त की तरह संभालता है।

बबलू की दोस्ती ने मेघा को जीवन की असीम नई दुनिया का पता लगाया। उसने उसे असीम सूखा आकाश, असीम समुद्री सागर, और जीवन के स्वरूप के अनेकों आयामों से परिचित करवाया। उसने बच्चों को नए व्यक्तित्व के बारे में सिखाया जो कभी पहले उन्हें पता नहीं चल रहे थे।

बबलू अब मेघा की ज़िन्दगी के हिस्से बन चुका है और वह उसे नहीं जानने के नाम पर गुमराह नहीं करने देगा। यह इस दोस्ती का नाम है जिसे मेघा और बबलू के बीच हुई।

कागा जी

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