Title: देवदूत की वापसी
एक समय की बात है, ब्रह्मलोक में एक देवदूत था जिसका नाम अभिमन्यु था। वह ब्रह्मा देव के सबसे प्रिय देवदूत था। अभिमन्यु ब्रह्मलोक से पृथ्वी के लोगों के मध्य भेजा गया था जिसका मुख्य उद्देश्य था मानव जाति के कुछ लोगों को भगवान से परिचय करवाना।
अभिमन्यु ने जगह-जगह जा कर स्वर्ग से आये मानव जीवों से बात करते और उन्हें भगवान के प्रति भक्ति के लिए प्रेरित करता। वह आम आदमी से लेकर राजा-महाराजा तक सभी के दिलों में बसता गया। लेकिन, एक दिन जब वह पृथ्वी पर ऐसी जगह पर पहुँचा जहां भगवान के नाम को लेकर लोगों में असहमति थी, तो अभिमन्यु को लोगों ने बहुत बुरी तरीके से बुरा भाव दिया।
अभिमन्यु ने वहां से निराश होते हुए फिर से स्वर्ग की यात्रा शुरू की। लेकिन वह निराश होते हुए और भगवान की शरण में नहीं जा सकता था। जब वह स्वर्ग में आया तो उनके संगीत सुन कर सबका मन सुख गया। लेकिन उन्हें उतनी खुशी नहीं मिली जितनी कि पहले मिलती थी।
एक दिन वह स्वर्ग से नीचे उतर रहा था तभी उसे फिर से पृथ्वी पर वापस जाना पड़ा। वह जब पृथ्वी पर आया तो उससे से पहले जो लोग उसे बुरा भाव दिया करते थे वे अब उससे प्रेम से बात करते थे। लोगों ने उससे माफी मांगी और उससे उनकी अनंत भ्रांति को मिटाने में मदद करने के लिए बिना कुछ इस्तेमाल किए उससे यात्रा में मदद की ओर उससे प्रेरणा ली।
अभिमन्यु ने सभी लोगों से माफी मांग ली और भगवान के प्रति भक्ति से संतुष्ट होकर अपनी यात्रा जारी रखी। उसने अपने मृत्यु के बाद जहाँ की सबसे ऊँची गति के साथ जगह-जगह घुमने और लोगों को भगवान की शरण में लेकर भगवान के सामने प्रस्तुत होने का फैसला लिया। लोगों ने उसे सदा के लिए याद कर लिया और अभिमन्यु ने फिर से उनके दिलों में जगह बना ली।