नमस्कार आदरणीय ज्ञानप्यासियों! ‘काक-वाणी’ के विशेष खंड ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। यह दुनिया का इकलौता ऐसा विश्वविद्यालय है जहाँ दाखिले के लिए किसी डिग्री की नहीं, बल्कि केवल एक स्मार्टफोन और बिना सोचे-समझे अंगूठा चलाने की क्षमता की ज़रूरत होती है। यहाँ रोज सुबह चाय की चुस्की के साथ ऐसा ‘परम सत्य’ परोसा जाता है, जिसे देखकर खुद विज्ञान भी अपना सिर पकड़कर बैठ जाता है। आइए, आज व्हाट्सएप पर तैरते कुछ महान सच और झूठ का फैक्ट-चेक करते हैं।
दावा नंबर 1: यूनेस्को ने हमारे राष्ट्रगान को ‘सर्वश्रेष्ठ’ चुना
यह मैसेज पिछले दस सालों से हर राष्ट्रीय पर्व पर डिजिटल अमरता प्राप्त कर चुका है। दावा किया जाता है कि यूनेस्को ने पूरी दुनिया के राष्ट्रगान सुने और भारत के राष्ट्रगान को ‘विश्व में सर्वश्रेष्ठ’ घोषित कर दिया। फैक्ट चेक: यूनेस्को बेचारों को खुद नहीं पता कि उन्होंने ऐसा कोई अवॉर्ड कब दिया! लेकिन अगर शर्मा जी के फूफा जी ने इसे 50 ग्रुप्स में फॉरवर्ड कर दिया है, तो अब यूनेस्को को अपनी गलती मान ही लेनी चाहिए।
दावा नंबर 2: नासा ने अंतरिक्ष से ली भारत की दिवाली की फोटो
हर दिवाली के अगले दिन एक जगमगाती हुई तस्वीर वायरल होती है जिसमें पूरा भारत अतरंगी लाइटों से नहाया हुआ दिखता है। लिखा होता है—’नासा ने यह विशेष फोटो अभी-अभी जारी की है।’ फैक्ट चेक: नासा वाले अंतरिक्ष में उपग्रह संभालें या यह देखें कि गुप्ता जी के घर में कौन सी लड़ी लगी है? वास्तव में वह फोटो जनसंख्या के आंकड़ों का एक पुराना रंग-बिरंगा नक्शा होती है, जिसे हर साल री-साइकिल किया जाता है।
दावा नंबर 3: गरम पानी और नींबू से हर बीमारी का खात्मा
डॉक्टरों ने सालों पढ़ाई की, वैज्ञानिकों ने अरबों का बजट फूंक दिया, लेकिन हमारे व्हाट्सएप के ‘गूगल बाबाओं’ ने दो मिनट में हर बीमारी का इलाज ढूंढ निकाला। मैसेज आता है—’गरम पानी में दो बूंद नींबू निचोड़ें और कैंसर से लेकर 5G के रेडिएशन तक सब गायब!’ फैक्ट चेक: नींबू सिर्फ शिकंजी बनाने के काम आता है, अमर होने की जड़ी-बूटी नहीं है।
काक-वाणी की परम सलाह
व्हाट्सएप पर आया हर ‘फॉरवर्डेड ऐज़ रिसीव्ड’ संदेश ज्ञान की गंगा नहीं होता। अगर कोई मैसेज आपको चेतावनी दे कि ‘इसे 11 लोगों को न भेजने पर अनहोनी होगी’, तो समझ जाइए कि अनहोनी तो मैसेज भेजने से होगी। अगली बार फॉरवर्ड का बटन दबाने से पहले अपनी बुद्धि का फैक्ट-चेक ज़रूर कर लें!