नमस्ते बॉलीवुड के दीवानों! ‘काक-वाणी’ की चटपटी दुनिया में आपका स्वागत है। जब हम सिनेमाघर में कोई बड़ी ऐतिहासिक या फैंटेसी फिल्म देखते हैं, तो हीरो की एंट्री के साथ ही हमारी नजरें उनके शानदार कपड़ों पर टिक जाती हैं। हाल ही में ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ ने भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार और आइकॉनिक कॉस्ट्यूम्स के पीछे की दिलचस्प कहानियों से पर्दा उठाया है। आइए जानते हैं कि ‘बाहुबली’ से लेकर ‘तान्हाजी’ तक, हमारे पसंदीदा सितारों को वो राजा-महाराजा वाला भव्य लुक आखिर कैसे मिला!
बाहुबली का भारी-भरकम कवच और तान्हाजी की आन-बान-शान
फिल्म ‘बाहुबली’ में प्रभास का वो विशालकाय और शाही अंदाज तो आपको याद ही होगा? लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रभास और भल्लालदेव (राणा डग्गुबाती) के उस लोहे जैसे दिखने वाले भारी कवच को बनाने में महीनों की रिसर्च लगी थी? कॉस्ट्यूम डिजाइनर रामा राजामौली और प्रशांति तिपिरनेनी ने ऐसा खास मटीरियल चुना जो दिखने में प्राचीन और लोहे जैसा मजबूत लगे, लेकिन ऐक्टर्स के लिए भारी एक्शन सीन्स करते वक्त बहुत ज्यादा वजनी न हो।
वहीं दूसरी तरफ, फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ में अजय देवगन और सैफ अली खान के परिधानों ने मराठा इतिहास को जीवंत कर दिया था। जाने-माने डिजाइनर नचिकेता बर्वे ने 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के कपड़े, पगड़ियां और चमड़े की बख्तरबंद पोशाकों पर रिसर्च की। एक-एक पगड़ी को बांधने का तरीका और कपड़ों का रंग उस दौर की युद्ध संस्कृति को सटीक रूप से दिखाता था।
पर्दे के पीछे के असली जादूगर: कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स
अक्सर हम पर्दा उठने पर सिर्फ एक्टर्स की तारीफों के कसीदे पढ़ते हैं, लेकिन असल में उस दौर का माहौल रचने का आधा श्रेय इन कॉस्ट्यूम डिजाइनरों को जाता है। ‘पद्मावत’ में दीपिका पादुकोण का ऐतिहासिक लहंगा हो या किसी पीरियड ड्रामा का शाही लिबास, महीनों तक चलने वाली हैंड एम्ब्रॉयडरी और इतिहास के पन्नों को खंगालने के बाद ही यह जादू बड़े पर्दे पर दिखता है।
ये परिधान सिर्फ कपड़े नहीं होते, बल्कि ये किरदार के मूड, उसकी ताकत और उसकी स्थिति को दर्शाते हैं। बिना इस परफेक्ट कॉस्ट्यूम के, बाहुबली का वो रौबदार अंदाज शायद हमें उतना प्रभावित नहीं कर पाता!
तो दोस्तों, अगली बार जब आप पर्दे पर किसी राजा को हुंकार भरते या किसी योद्धा को ढाल संभाले देखें, तो उनके कपड़ों के पीछे छिपी दर्ज़ियों और डिजाइनरों की दिन-रात की मेहनत को याद करना न भूलें। सिनेमा और बॉलीवुड की ऐसी ही मसालेदार खबरों के लिए पढ़ते रहिए ‘काक-वाणी’!
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