बॉलीवुड के चमकते सितारों और करोड़ों के बजट वाली फिल्मों के बीच अक्सर वो सिनेमाई रत्न छिप जाते हैं, जो असल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाते हैं। हाल ही में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेत्री अंजली पाटिल ने कुछ ऐसा ही कहा है, जिसने सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल मचा दी है। अंजली ने अपनी फिल्म ‘Selvi’ (सेल्वी) के वैश्विक सफर पर खुलकर बात की और बताया कि कैसे ग्लोबल मार्केट में भारतीय सिनेमा की पहचान अब पूरी तरह बदल चुकी है।
क्या सिर्फ बॉलीवुड ही है असली भारतीय सिनेमा? अंजली पाटिल का बेबाक बयान
एक जमाना था जब विदेशी दर्शकों के लिए ‘भारतीय सिनेमा’ का मतलब सिर्फ नाच-गाना, मेलोड्रामा और सिर्फ और सिर्फ ‘बॉलीवुड’ हुआ करता था। लेकिन अब हवा का रुख बदल चुका है। अंजली पाटिल ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में इस कड़वे और मीठे सच से पर्दा उठाया है। अंजली का मानना है कि पहले भारतीय सिनेमा की पहचान वैश्विक मंचों पर बेहद सीमित थी। लेकिन अब, रीजनल (क्षेत्रीय) और इंडिपेंडेंट सिनेमा ने इस संकीर्ण सोच को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। आज दुनिया भारत के असली और विविध रंग देखना चाहती है।
‘सेल्वी’ की वैश्विक उड़ान और बदलता नजरिया
अंजली पाटिल ने अपनी फिल्म ‘सेल्वी’ के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भर के दर्शक भारतीय कहानियों की गहराई और विविधता को सराह रहे हैं। अब दर्शकों को सिर्फ बड़े स्टार्स की चमक-दमक नहीं, बल्कि मिट्टी से जुड़ी सच्ची कहानियां अपनी ओर खींचती हैं। ‘सेल्वी’ जैसी फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो, तो भाषा की दीवारें मायने नहीं रखतीं। वैश्विक दर्शक अब भारत के कोने-कोने से आने वाले अनसुने किस्सों को महसूस करना चाहते हैं।
काक-वाणी का नजरिया: अब उड़ेगा असली सिनेमा!
काक-वाणी की पैनी नजर से देखें तो अंजली पाटिल की यह बात सौ फीसदी सच साबित हो रही है। ऑस्कर से लेकर कान्स फिल्म फेस्टिवल तक, आज साउथ से लेकर मराठी और बंगाली सिनेमा का डंका बज रहा है। बॉलीवुड का अपना एक अलग क्रेज है, लेकिन भारत की असली सिनेमाई ताकत उसकी क्षेत्रीय भाषाओं और स्वतंत्र फिल्मकारों में बसती है। अंजली पाटिल जैसी अभिनेत्रियां इस बड़े बदलाव का चेहरा हैं, जो लीक से हटकर फिल्में करने का हौसला रखती हैं। तो दोस्तों, अगली बार जब आप कोई फिल्म देखने की सोचें, तो सिर्फ बॉलीवुड के बड़े नामों के पीछे न भागें, बल्कि ‘सेल्वी’ जैसी शानदार और सच्ची फिल्मों को भी अपनी वॉचलिस्ट का हिस्सा बनाएं!
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