अरे ओ सांबा! क्या तुम्हें पता है कि जिस बॉलीवुड के गानों पर हम दिन-रात थिरकते हैं, उसका असली इतिहास क्या है? हाल ही में प्रसिद्ध एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका ने जब सवाल उठाया कि ‘व्हाट इज बॉलीवुड’, तो दुनिया को एक बार फिर समझ आया कि यह सिर्फ फिल्मों की फैक्ट्री नहीं, बल्कि सवा सौ करोड़ लोगों के सपनों का मेला है। चलिए, ‘काक-वाणी’ के चटपटे अंदाज़ में जानते हैं इस रंग-बिरंगी दुनिया का सफर।
काली-सफेद तस्वीरों से शुरू हुआ ड्रामेबा
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