अरे भइया, जरा ढोल-नगाड़े निकालो और जलेबियां छनवाओ! अमरीका में फिर से ‘समोसा कॉकस’ का जलवा कायम हो गया है। खबर आई है कि अमरीका के मिडटर्म चुनावों में हमारे अपने ‘देसी’ शूरवीरों ने वाशिंगटन डीसी की धरती पर झंडे गाड़ दिए हैं। रो खन्ना हों या अमी बेरा, सब के सब अमेरिकी संसद की कुर्सियों पर ऐसे कब्जा जमा रहे हैं जैसे हमारे यहां मोहल्ले के नेताजी पार्क की जमीन पर कब्जा जमाते हैं।
वासुदेव कुटुंबकम या वाट्सऐप कुटुंबकम?
जैसे ही यह खबर छपी कि भारतीय मूल के उम्मीदवार जीत रहे हैं, हमारे देश के तमाम फैमिली वाट्सऐप ग्रुप्स में दीवाली मनने लगी। शर्मा जी ने गुप्ता जी को तुरंत फॉरवर्ड भेजा, “देखा! हमारे भारत के शेर अब अमरीका चला रहे हैं।” अब कोई शर्मा जी को कैसे समझाए कि वो ‘शेर’ भारत के पासपोर्ट को बहुत पहले इतिहास की किताबों में दर्ज कर चुके हैं। लेकिन हमें तो बस इस बात का मोक्ष मिल गया है कि जिस बंदे के नाम के पीछे ‘खन्ना’ या ‘बेरा’ लगा है, वो दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश में कुर्सी तोड़ रहा है।
हमारा देसी मीडिया भी इस खबर को ऐसे चला रहा है मानो रो खन्ना कल सुबह सीधे कैलिफोर्निया से उड़कर लखनऊ आएंगे और यहां के टूटे हुए नालों का निरीक्षण करेंगे। “समोसा कॉकस की ऐतिहासिक जीत!” – वाह, क्या शानदार नाम रखा है। अब वहां कैपिटल हिल में समोसा बिके या डोसा, हमारे देश के रिटायर्ड अंकलों को लगता है कि अमरीका अब उनकी ससुराल बन चुका है।
अमेरिकी नीति और हमारी मुगालता
कड़वा सच तो यह है कि ये भारतीय मूल के नेता जब अमेरिकी संसद में बैठते हैं, तो सबसे पहले ‘अमरीका फर्स्ट’ की कसम खाते हैं। कभी-कभी तो ये भारत की ही नीतियों पर ऐसा कड़वा बयान दे देते हैं कि हमारे देश के राष्ट्रभक्तों का बीपी बढ़ जाता है। लेकिन हमारे लोगों का दिल इतना बड़ा है कि वे हंसकर टाल देते हैं— “कोई बात नहीं, अपनों की डांट का क्या बुरा मानना!”
अमी बेरा और रो खन्ना के नतीजों का इंतजार भारत में ऐसे किया जा रहा है जैसे बनारस में चाट की दुकान खुलने का इंतजार होता है। लोगों को अपने शहर के मेयर का नाम भले न पता हो, लेकिन कैलिफोर्निया के चुनाव क्षेत्र का एक-एक वोटर याद हो चुका है।
अंत में ‘काक-वाणी’ की सीधी सलाह है: अमरीका में चाहे ‘समोसा कॉकस’ जीते या ‘हॉट डॉग कॉकस’, आपके शहर का ट्रैफिक और पेट्रोल का दाम नहीं बदलने वाला। इसलिए अमरीका की जीत पर छाती फुलाना बंद कीजिए और अपने घर के बाहर जमा कचरे पर ध्यान दीजिए। कांव-कांव!
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