वोटर लिस्ट की सफाई या लोकतंत्र की हत्या? राहुल बाबा का नया महासंग्राम!

अरे भई, देश में लोकतंत्र अब सचमुच खतरे में आ गया है! अब आप पूछेंगे कि इस बार क्या हुआ? क्या कोई नया कानून आ गया? नहीं-नहीं, इस बार तो जुल्म की हद ही हो गई है। निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अपडेट करने यानी फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाने का दुस्साहस कर दिया है। इस अमानवीय महापाप के खिलाफ हमारे जननायक राहुल गांधी जी पूरी विपक्षी सेना के साथ सड़कों पर उतर आए हैं।

मृत मतदाताओं के मौलिक अधिकारों पर डाका!

सोचिए, जो बेचारे मतदाता बीस साल पहले दुनिया छोड़कर स्वर्ग सिद्धार चुके हैं, लेकिन हर चुनाव में बिना किसी स्वार्थ के विपक्ष के पक्ष में चुपचाप वोट डाल जाते हैं, क्या उनके नाम लिस्ट से काटना घोर अत्याचार नहीं है? राहुल जी का स्पष्ट मानना है कि यह चुनाव आयोग की एक गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश है। अगर वोटर लिस्ट साफ-सुथरी हो गई, तो फिर विपक्ष चुनाव हारने के बाद “ईवीएम हैक हो गई” का घिसा-पिटा बहाना कैसे बनाएगा? आखिर पराजय का सारा ठीकरा किसी न किसी सिर तो फोड़ना ही पड़ेगा ना!

मशीन से डर नहीं लगता साहेब, सुधरी हुई लिस्ट से लगता है

काक-वाणी के गुप्त कौओं की मानें तो विपक्ष का तर्क बेहद वैज्ञानिक और दूरदर्शी है। उनका कहना है कि जब वोटर लिस्ट में फर्जी नाम ही नहीं रहेंगे, तो चुनाव के दिन “लोकतंत्र की रक्षा” का नाटक कैसे रचा जाएगा? वोटर रोल रिवीजन का सीधा मतलब है कि एक व्यक्ति दो या तीन जगह वोट नहीं डाल पाएगा। अब भला यह तो सीधे-सीधे आम नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है! एक शरीफ नागरिक अगर दिल्ली, रायबरेली और वायनाड तीनों जगह से देश सेवा करना चाहे, तो चुनाव आयोग को पेट में दर्द क्यों हो रहा है?

बीबीसी की मोहर और अंतरराष्ट्रीय शंखनाद

जब विदेशी मीडिया बीबीसी ने इस पर खबर छापी, तो विपक्ष के हौसले और बुलंद हो गए। अब तो विदेश में भी ढिंढोरा पिट गया है कि भारत में वोटर लिस्ट सुधारी जा रही है, जो कि लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक बात है! राहुल गांधी जी की दूरदर्शिता की दाद देनी पड़ेगी। वे भली-भांति जानते हैं कि अगर मतदाता सूची से काल्पनिक नाम हट गए, तो उनकी भावी चुनावी रणनीतियों की पूरी ‘मोहब्बत की दुकान’ पर ताला लग सकता है।

खैर, ‘काक-वाणी’ तो चुनाव आयोग को बस यही मुफ्त की सलाह देगी कि इस जनविरोधी काम को तुरंत रोक दिया जाए। मृतकों और फर्जी नामों को वोटर लिस्ट में सदा के लिए अमर रहने दिया जाए, ताकि हमारा मासूम विपक्ष हर चुनाव के बाद इसी तरह सड़कों पर क्रांति का झंडा बुलंद करता रहे और जनता का मनोरंजन होता रहे!


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कागा जी