नमस्कार दर्शकों! ‘काक-वाणी’ के विशेष खंड ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। आज हम बात करेंगे उन वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और इतिहासकारों की, जो बिना किसी डिग्री के रोज सुबह-सुबह आपके फोन में मुफ्त ज्ञान की गंगा बहाते हैं। सुबह की ‘गुड मॉर्निंग’ वाली चमकीली फूलों की इमेज के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण चीज व्हाट्सएप पर तैरती है, वह है ‘परम सत्य’ ज्ञान। इस ज्ञान को देखकर न्यूटन और आइंस्टीन भी अपनी कब्र में करवटें बदल रहे होंगे।
यूनेस्को का दैनिक पुरस्कार वितरण समारोह
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्डेड मैसेजेस के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) के पास दुनिया में और कोई काम नहीं बचा है। उनका एकमात्र काम हर हफ्ते भारत के राष्ट्रगान, हमारे देश के नोटों या किसी नए सरकारी पुल को ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करना है। कल ही हमारे ग्रुप के एक फूफा जी ने मैसेज भेजा कि यूनेस्को ने भारत के समोसे को दुनिया का सबसे पौष्टिक नाश्ता घोषित कर दिया है। जब हमने यूनेस्को के मुख्यालय फोन घुमाया, तो वहां से आवाज आई, “भाईसाहब, भगवान के लिए हमें बख्श दो! हम बस ऐतिहासिक धरोहरों की लिस्ट बनाते हैं, समोसे का सर्टिफिकेट नहीं बांटते।”
10 लोगों को भेजें, वरना व्हाट्सएप बंद हो जाएगा!
साल 2012 से एक मैसेज लगातार वायरल हो रहा है: “आज रात 12 बजे से व्हाट्सएप बंद हो जाएगा। इसे चालू रखने के लिए इस मैसेज को तुरंत 10 लोगों को फॉरवर्ड करें। आपका व्हाट्सएप लोगो नीला हो जाएगा और यह मुफ्त रहेगा।” हमारे मोहल्ले के शर्मा जी ने इस डर से कि कहीं जुकरबर्ग सीधे उनके फोन से व्हाट्सएप डिलीट न कर दें, इसे 100 लोगों को भेज दिया। व्हाट्सएप तो बंद नहीं हुआ, लेकिन उनके 50 रिश्तेदारों ने उन्हें ग्रुप से जरूर बाहर कर दिया। सच तो यह है कि मार्क जुकरबर्ग खुद यह मैसेज पढ़कर अपना सिर पीट रहे होंगे।
इलाज ऐसा कि एम्स के डॉक्टर भी इस्तीफा दे दें
कैंसर का इलाज? ‘कच्चा प्याज और नींबू’। डायबिटीज का अंत? ‘करेले के जूस में डूबा हुआ पैर’। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के पास हर उस बीमारी का अचूक नुस्खा है, जिसका इलाज ढूंढने में दुनिया के वैज्ञानिक सालों से माथापच्ची कर रहे हैं। इन दावों का सच सिर्फ इतना है कि अगर आप इन नुस्खों के भरोसे रहे, तो बीमारी ठीक हो न हो, यमराज जी से आपकी मीटिंग जरूर जल्दी फिक्स हो जाएगी।
काक-वाणी का अंतिम सत्य (Fact Check Verdict)
तो प्रिय पाठकों, अगली बार जब आपके पास कोई ऐसा संदेश आए जिसके अंत में लिखा हो “इसे इतना शेयर करें कि पूरा देश जाग जाए”, तो कृपया अपने अंगूठे को थोड़ा आराम दें। व्हाट्सएप पर तैरने वाला हर ज्ञान सच नहीं होता। थोड़ा गूगल बाबा की भी मदद लें, वरना कहीं ऐसा न हो कि किसी दिन आप भी यूनेस्को द्वारा ‘दुनिया के सबसे भोले नागरिक’ घोषित कर दिए जाएं!