व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया ‘ज्ञान’: नासा की मुहर और यूनेस्को का बेस्ट अवॉर्ड!

सुबह की पहली किरण के साथ जब चाय का प्याला हाथ में आता है, तो साथ ही आता है ज्ञान का वो महासागर जिसे हम “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” कहते हैं। इस महान विश्वविद्यालय के पास हर बीमारी का इलाज है, इतिहास का नया संस्करण है और भविष्य की ऐसी भविष्यवाणियां हैं जिन्हें खुद नासा वाले भी ढूंढ रहे हैं। यहां सत्य की परिभाषा बहुत सरल है—अगर वह फॉरवर्डेड मैसेज है, तो वह शत-प्रतिशत सच है। हमारे अंगूठे की खुजली ही इस ज्ञान को समाज में फैलाने का मुख्य ईंधन है।

नासा और यूनेस्को की ‘विशेष मेहरबानी’

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का सबसे पसंदीदा हथियार है “नासा” और “यूनेस्को”। पिछले दस सालों से यूनेस्को हर महीने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित कर रहा है (भले ही यूनेस्को को खुद इस बात की भनक न हो)। वहीं नासा के वैज्ञानिक हर दीवाली पर भारत की रंग-बिरंगी तस्वीर अंतरिक्ष से खींचने के लिए अपनी दूरबीनें साफ करके बैठते हैं। हद तो तब हो जाती है जब दावा किया जाता है कि नासा ने स्वीकार किया है कि ताली बजाने से शरीर के सारे वायरस मर जाते हैं। बेचारा नासा! अंतरिक्ष के शोध छोड़कर आजकल हमारे ताऊ जी के दावों पर मुहर लगाने में ही व्यस्त है।

रसोईघर बना आईसीयू, नींबू से कैंसर का इलाज!

इस विश्वविद्यालय के मेडिकल विभाग की तो बात ही निराली है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज यहां नींबू पानी और गर्म पानी पीने से चुटकियों में हो जाता है। अगर आपका वजन बढ़ रहा है, तो बस नाभि में दो बूंद बादाम का तेल डालिए और रातों-रात स्लिम-ट्रिम हो जाइए। डॉक्टरों की लाखों रुपये की पढ़ाई को हमारे फूफा जी के एक फॉरवर्डेड मैसेज ने घुटनों पर ला दिया है। डॉक्टरों को तो अपनी डिग्रियां सरेंडर कर देनी चाहिए, क्योंकि असली इलाज तो “फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड” वाले मैसेज में छुपा है।

ग्यारह लोगों को भेजें और चमत्कार देखें

इस ज्ञानगंगा की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी “चेन सिस्टम” है। मैसेज के अंत में लिखा होता है— “अगर आपने यह मैसेज 11 लोगों को नहीं भेजा, तो शाम तक कोई बुरी खबर मिल सकती है।” डर का ऐसा अनोखा कारोबार कि अच्छे-भले पढ़े-लिखे लोग भी अंधविश्वास के शिकार हो जाते हैं और बिना सोचे-समझे इसे फॉरवर्ड कर देते हैं।

सच्चाई यह है कि इस कड़वे सच को स्वीकार करने का समय आ गया है। आपके अंगूठे की एक सेकंड की लापरवाही समाज में अज्ञानता का जहर घोल रही है। अगली बार जब कोई चमत्कारी दावा आपके इनबॉक्स में आए, तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, नासा का नाम बदनाम न करें। क्योंकि असली ज्ञान बांटने से बढ़ता है, लेकिन व्हाट्सएप का ‘अज्ञान’ बांटने से सिर्फ मूर्खता फैलती है।

कागा जी