अभिवादन! स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के उस विशेष विभाग में, जिसे दुनिया ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के नाम से जानती है। यहाँ ज्ञान की नदियाँ नहीं, बल्कि ‘फॉरवर्डेड ऐज़ रिसीव्ड’ मैसेजेस का सुनामी आता है। सुबह के ‘गुड मॉर्निंग’ वाले उगते सूरज की फोटो से लेकर रात के ‘यह मैसेज 11 लोगों को न भेजा तो पाप लगेगा’ तक, यहाँ हर सेकंड एक नया वैज्ञानिक शोध जन्म लेता है।
नासा की मुहर और गर्म पानी से अमरता का इलाज
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘प्रोफेसरों’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनके पास दुनिया की हर बीमारी का इलाज रसोई के डिब्बों में मौजूद है। अगर किसी मैसेज में लिखा है कि ‘उबलते पानी में नींबू और अजवाइन डालकर पीने से इंसान अमर हो जाता है’, तो समझ जाइए कि यह शोध सीधे नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह पर बैठकर किया है। काक-वाणी फैक्ट चेक: नासा वाले आज भी सिर पकड़कर सोच रहे हैं कि उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन छोड़कर कब ‘समोसे और चाय से सिरदर्द ठीक करने’ का पेटेंट जारी किया था!
10 लोगों को भेजो और 5 मिनट में बनो करोड़पति
व्हाट्सएप की अपनी एक अनोखी अर्थव्यवस्था है। यहाँ किस्मत पूरी तरह से ‘फॉरवर्ड’ के बटन पर निर्भर करती है। अगर आपने एक चमत्कारी फोटो 10 लोगों को नहीं भेजी, तो आपकी किस्मत का ताला हमेशा के लिए बंद हो सकता है। और अगर भेज दिया, तो अगले 5 मिनट में छत फाड़कर खुशखबरी गिरेगी। काक-वाणी फैक्ट चेक: हमारी टीम ने यह मैसेज 50 लोगों को भेजा, खुशखबरी तो नहीं मिली, लेकिन 12 दोस्तों ने हमें ब्लॉक ज़रूर कर दिया!
युनेस्को का ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ’ सर्वे
युनेस्को (UNESCO) बेचारी ऐसी संस्था है, जिसका आधा जीवन व्हाट्सएप पर भारत के राष्ट्रीय गान, हमारी सड़कों और यहाँ तक कि हमारे पड़ोसी के कुत्ते को ‘दुनिया में सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करने में ही निकल जाता है। युनेस्को के अधिकारियों को खुद नहीं पता होता कि उन्होंने कब रात को 2 बजे उठकर ऐसा कोई सर्वे करवाया था।
निष्कर्ष: काक-वाणी की कड़वी खुराक
व्हाट्सएप के इस असीम ज्ञान-सागर में डुबकी लगाने से पहले अपने दिमाग का वाटरप्रूफ कवर ज़रूर पहन लें। हर चमकती हुई चीज़ सोना नहीं होती और हर फॉरवर्ड हुआ मैसेज नासा की रिपोर्ट नहीं होता। इसलिए अगली बार जब अंगूठा ‘फॉरवर्ड’ वाले तीर पर जाए, तो थोड़ा रुकिए, सोचिए और अपने विवेक का बटन दबाएं। वरना युनेस्को आपको ‘दुनिया का सबसे भोला नागरिक’ घोषित कर देगा!