व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की ‘परम सत्य’ डिग्रियां और यूनेस्को का वो ‘खोया हुआ’ अवॉर्ड

प्रणाम पाठकों! स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के विशेष स्तंभ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में। आज हम बात करेंगे दुनिया के सबसे बड़े, सबसे मुफ्त और सबसे तेज ‘ज्ञान के स्रोत’ की, जिसका नाम है—व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी। यहाँ प्रवेश के लिए किसी परीक्षा की जरूरत नहीं होती, बस एक स्मार्टफोन और एक चालू इंटरनेट पैक काफी है। इसके कुलपति हमारे परम आदरणीय ‘फुफा जी’ और ‘मौसा जी’ हैं, जो सुबह 5 बजे से ही ‘ज्ञान’ की गंगा बहाना शुरू कर देते हैं।

यूनेस्को ने फिर घोषित किया भारत का राष्ट्रगान ‘सर्वश्रेष्ठ’!

साल में कम से कम चार बार, जब भी देश में कोई त्योहार या राष्ट्रीय पर्व आता है, हमारे व्हाट्सएप इनबॉक्स में एक संदेश बिजली की गति से दौड़ता है—“बधाई हो! यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित किया है।” अब बेचारा यूनेस्को पेरिस में बैठकर सोच रहा होगा कि भाई, हमने ये अवॉर्ड कब और किसे दे दिया? लेकिन नहीं, हमारे व्हाट्सएप के ‘महामहिम’ इस बात को पत्थर की लकीर मानते हैं। अगर आप उनसे इस बात का वैज्ञानिक सबूत मांग लें, तो आपको सीधे ‘संस्कारहीन’ घोषित कर पारिवारिक ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

नासा का नया शोध: तांबे के लोटे और हल्दी में छिपा है एलियंस का राज

इस विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का दिमाग नासा (NASA) से भी तेज चलता है। इनके पास हर बीमारी का इलाज है—चाहे वह कैंसर हो या सामान्य जुकाम। बस आपको सुबह उठकर खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना है, जिसमें तुलसी के चार पत्ते और एक चुटकी हल्दी मिली हो। नासा वाले भी बेचारे हैरान हैं कि वे अरबों डॉलर खर्च करके अंतरिक्ष में जो शोध कर रहे हैं, वो हमारे ‘शर्मा अंकल’ ने सुबह की चाय की चुस्की लेते हुए एक ‘फॉरवर्ड’ मैसेज में ही हल कर दिया।

‘फॉरवर्ड’ करने से चमकेगी किस्मत, वरना भुगतना होगा अंजाम

इस यूनिवर्सिटी की सबसे डरावनी और मजेदार सच्चाई है ‘चेन मैसेजेस’। “इस संदेश को तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक बहुत बड़ी खुशखबरी मिलेगी। अनदेखा करने पर बड़ा नुकसान हो सकता है।” इस खौफनाक चेतावनी के डर से लोग न चाहते हुए भी इस डिजिटल कचरे को आगे बढ़ाते रहते हैं। सच तो यह है कि इसे बनाने वाले को तो कोई खुशखबरी मिली या नहीं पता नहीं, लेकिन आपका इंटरनेट डेटा और समय जरूर नष्ट हो जाता है।

तो प्रिय पाठकों, अगली बार जब आपके पारिवारिक ग्रुप में कोई ‘अल्ट्रा-लेवल’ का ज्ञान आए, तो उसे आगे बढ़ाने (Forward) से पहले अपने भेजे (Brain) का इस्तेमाल जरूर करें। हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती, और हर व्हाट्सएप संदेश सच नहीं होता। ‘काक-वाणी’ का यही संदेश है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के इस मुफ्त ज्ञान से खुद को बचाए रखें!

कागा जी