स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के सबसे लोकप्रिय विभाग ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में! आज हम सोशल मीडिया पर चल रहे उस क्रांतिकारी ‘फैक्ट चेक’ सिस्टम की पोल खोलेंगे, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों, इतिहासकारों और पत्रकारों को बेरोजगार करने की ठान ली है। जी हां, अब आपको किसी खबर की सच्चाई जानने के लिए गूगल करने की जरूरत नहीं है, बस अपने पारिवारिक ग्रुप के ‘शर्मा जी’ और ‘गुप्ता जी’ के फॉरवर्ड्स पर नजर रखिए। वहां सच को प्रमाण की नहीं, सिर्फ ‘सेंड’ बटन की जरूरत होती है।
नया नियम: ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ ही असली प्रमाण है!
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के नए नियमों के अनुसार, अगर किसी मैसेज के ऊपर ‘Forwarded many times’ का ठप्पा लगा है, तो वह अल्बर्ट आइंस्टीन के सिद्धांतों से भी ज्यादा सच है। हमारे विशेष सूत्रों (पड़ोस वाले शर्मा जी) के अनुसार, इस टैग का मतलब है कि इस खबर को कम से कम एक लाख लोगों ने बिना दिमाग लगाए आगे भेजा है। और भला इतने सारे लोग गलत कैसे हो सकते हैं? अगर मैसेज में लिखा है कि ‘यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित किया है’, तो बिना किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाए इसे सच मानना आपका परम कर्तव्य है।
विज्ञान और लॉजिक का अंतिम संस्कार
इस नए फैक्ट चेक सिस्टम में लॉजिक और कॉमन सेंस का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। यदि कोई नादान बालक इस पर सवाल उठाने की गुस्ताखी करता है, तो उसे तुरंत ‘ग्रुपद्रोही’ घोषित कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए, हाल ही में एक मैसेज वायरल हुआ कि ‘रात को तकिये के नीचे लहसुन रखकर सोने से वाई-फाई की स्पीड तेज हो जाती है’। जब एक पढ़े-लिखे युवक ने इसका साइंटिफिक फैक्ट चेक मांगा, तो उसे ग्रुप एडमिन द्वारा सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। यही तो है असली और त्वरित फैक्ट चेक!
फैक्ट चेक का गुरुमंत्र: ‘इसे आगे जरूर भेजें’
इस पूरी यूनिवर्सिटी की सबसे बड़ी ताकत मैसेज की आखिरी लाइन में छिपी होती है – “इसे इतना शेयर करें कि सरकार हिल जाए”। यह लाइन मिलते ही हमारे देश के डिजिटल वॉरियर्स की उंगलियां सक्रिय हो जाती हैं। सच्चाई चाहे जो हो, देशहित में (या फिर मुफ्त का इंटरनेट खत्म करने के लिए) मैसेज को फॉरवर्ड करना अनिवार्य है।
संक्षेप में कहें तो, सोशल मीडिया का नया फैक्ट चेक यही है कि जो खबर आपके दिल को अच्छी लगे, वही अंतिम सत्य है। बाकी सब तो नासा और गूगल वालों की साजिश है। इसलिए, बिना सोचे-समझे फॉरवर्ड करते रहिए और ज्ञान बांटते रहिए!