परम आदरणीय ‘फॉरवर्ड’ सेनापतियों का नया हथियार
मित्रों, यदि आप भी इस चिंता में दुबले हो रहे थे कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले ‘ज्ञान’ को कुछ लिबरल फैक्ट-चेकर झूठा साबित कर देते हैं, तो अब घी-शक्कर खाने का समय आ गया है। ‘काक-वाणी’ के खोजी सूत्रों को पता चला है कि ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ ने अपना खुद का ‘स्वदेशी फैक्ट-चेक विभाग’ खोल लिया है। इस नए विभाग का एकमात्र उद्देश्य है—आपकी हर उस अजीबोगरीब अफवाह को सच साबित करना, जिसे आप बिना सोचे-समझे ‘फॉरवर्ड’ कर देते हैं। अब झूठ को सच साबित करने के लिए किसी सबूत की नहीं, बल्कि केवल ‘श्रद्धा’ की जरूरत होगी।
नासा की मुहर और यूनेस्को का बेस्ट सर्टिफिकेट
अब तक कुछ लोग चिल्लाते थे कि यूनेस्को ने भारतीय राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित नहीं किया है। लेकिन हमारे नए व्हाट्सऐप फैक्ट-चेक ने इस दुष्प्रचार का पर्दाफाश कर दिया है। नए शोध के अनुसार, यूनेस्को के मुख्यालय में केवल भारत के लिए ‘बेस्ट’ के सर्टिफिकेट प्रिंट करने वाली मशीन लगाई गई है। इसी तरह, नासा (NASA) द्वारा दिवाली की रात अंतरिक्ष से खींची गई भारत की जगमगाती तस्वीर को कुछ लोग फोटोशॉप बता रहे थे। नए फैक्ट-चेक ने साबित किया है कि नासा के कैमरे में विशेष ‘संस्कारी लेंस’ लगा था, जिसने केवल भारत के दीयों की रोशनी को ही कैप्चर किया।
वैज्ञानिकों के सिर चकरा देने वाले नए नियम
इस नए फैक्ट-चेक विभाग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ विज्ञान के नियमों को सुविधानुसार मोड़ दिया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आप एक पोस्ट शेयर करते हैं कि “इस मैसेज को 11 लोगों को भेजने से शाम तक लॉटरी लगेगी,” तो नया फैक्ट-चेक इसे सौ फीसदी सच प्रमाणित करेगा। तर्क यह दिया गया है कि ’11’ एक शुभ अंक है और ‘शेयर’ करने से उंगलियों की जो एक्सरसाइज होती है, उससे भाग्य रेखा मजबूत होती है। अगर कोई इस पर सवाल उठाए, तो उसे तुरंत ‘ग्रुप से रिमूव’ करने की शास्त्रीय सजा दी जाती है।
निष्कर्ष: आँख बंद करो और शेयर करो
अतः, सभी श्रद्धेय पाठकों से सादर अनुरोध है कि अब किसी भी समझदारी वाली बात पर भरोसा न करें। ज्ञान का असली स्रोत वही है जो पीले बैकग्राउंड पर, लाल चमकीले अक्षरों में ‘अति महत्वपूर्ण सूचना’ लिखकर आपके पास आता है। याद रखिए, अगर कोई संदेश व्हाट्सऐप पर आया है, तो वह झूठ हो ही नहीं सकता। उसे किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे ग्रुप एडमिन ने उसे ‘सत्यापित’ कर दिया है। तो देर किस बात की? इस ज्ञानवर्धक लेख को भी बिना सोचे-समझे तुरंत 21 ग्रुपों में भेजें, शाम तक कोई अच्छी खबर (या कम से कम चाय) जरूर मिलेगी!